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Saturday, November 29, 2025

सुंदरकांड

 

मंगलाचरण

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन
हरण भवभय दारुणम् ।
नवकंज-लोचन कंज-मुख
कर-कंज-पद-कंजारुणम् ॥ 


हनुमानजी का समुद्र लांघना

जटायुधारी अति बलवाना,
नाम जपे “जय श्रीरामना”।
एके बानर भीम बलेशा,
लांघि चले सागर सुरेशा।

“राम काज करिबे को आतुर,
छलांग लगाई गगन विचरत।” 


लंका में प्रवेश

रात अंधेरी चंद्र प्रकाशा,
लंका नगरी दिव्य तमाशा।
रूप बदल हनुमान सियाना,
ढूँढत फिरें जनकसुता राना।

भय न कछु मन में उठत,
राम नाम मनोबल बढ़त।


अशोक वाटिका में सीता माता का दर्शन

देखी जनकदुलारी रोती,
रावण की लंका में होती।
विनम्र हनू बोले दबि स्वर,
“मातु! रामदूत मैं निर्भय कर।”

राम मुद्रिका देखत सीता,
आँखिन भरि आई प्रीता।
बोलीं— “कुशल कहो प्रभु केसा?”
हनू बोले— “राम सन्देशा।” 


लंका दहन

असुर निकर सब आये घेरा,
बनर वीर ने खेल घनेरा।
बद्ध किये जब ब्रह्म पाश में,
हँसे हनू मन की हाश में।

पूँछ बढ़ाई, नगर जलाया,
लंका का हर महल दहाया।
नाम जपत जब राम रघुवीरा,
पथ दिखाए सागर तट तीरा। 


वापसी और जयघोष

राम काज सफल भये नाथा,
दूत चला वापस प्रभु पासा।
लाये समाचार मातु सुहाई,
राम लखन सुन बहुत सहाई।

भरि आनंद भयो सब टोळी,
राम हृदय हनू की बोली—
“दूत हूँ प्रभु का बल अपारा,
काटत सकल संकट तुम्हारा।” 


समापन चौपाई

पवनसुत बजन करै जो कोई,
संकट काटे तिनका सोई।
रामहिं भजै सोई सुखु पावै,
भव-भय, रोग, दुःख सब जावै।


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जय श्रीराम 

Thursday, November 27, 2025

रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र

रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र
शिव तांडव स्तोत्र
जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌। 
डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयं
चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥
 
जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी ।
विलोलवी चिवल्लरी विराजमानमूर्धनि ।
धगद्धगद्ध गज्ज्वलल्ललाट पट्टपावके
किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं ॥2॥
 
धरा धरेंद्र नंदिनी विलास बंधुवंधुर-
स्फुरदृगंत संतति प्रमोद मानमानसे ।
कृपाकटा क्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदि
कवचिद्विगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥3॥
 
जटा भुजं गपिंगल स्फुरत्फणामणिप्रभा-
कदंबकुंकुम द्रवप्रलिप्त दिग्वधूमुखे ।
मदांध सिंधु रस्फुरत्वगुत्तरीयमेदुरे
मनो विनोदद्भुतं बिंभर्तु भूतभर्तरि ॥4॥
 
सहस्र लोचन प्रभृत्य शेषलेखशेखर-
प्रसून धूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः ।
भुजंगराज मालया निबद्धजाटजूटकः
श्रिये चिराय जायतां चकोर बंधुशेखरः ॥5॥
 
ललाट चत्वरज्वलद्धनंजयस्फुरिगभा-
निपीतपंचसायकं निमन्निलिंपनायम्‌ ।
सुधा मयुख लेखया विराजमानशेखरं
महा कपालि संपदे शिरोजयालमस्तू नः ॥6॥
 
कराल भाल पट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल-
द्धनंजया धरीकृतप्रचंडपंचसायके ।
धराधरेंद्र नंदिनी कुचाग्रचित्रपत्रक-
प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने मतिर्मम ॥7॥
 
नवीन मेघ मंडली निरुद्धदुर्धरस्फुर-
त्कुहु निशीथिनीतमः प्रबंधबंधुकंधरः ।
निलिम्पनिर्झरि धरस्तनोतु कृत्ति सिंधुरः

कलानिधानबंधुरः श्रियं जगंद्धुरंधरः ॥8॥ 
 
प्रफुल्ल नील पंकज प्रपंचकालिमच्छटा-
विडंबि कंठकंध रारुचि प्रबंधकंधरम्‌
स्मरच्छिदं पुरच्छिंद भवच्छिदं मखच्छिदं
गजच्छिदांधकच्छिदं तमंतकच्छिदं भजे ॥9॥
 
अगर्वसर्वमंगला कलाकदम्बमंजरी-
रसप्रवाह माधुरी विजृंभणा मधुव्रतम्‌ ।
स्मरांतकं पुरातकं भावंतकं मखांतकं
गजांतकांधकांतकं तमंतकांतकं भजे ॥10॥
 
जयत्वदभ्रविभ्रम भ्रमद्भुजंगमस्फुर-
द्धगद्धगद्वि निर्गमत्कराल भाल हव्यवाट्-
धिमिद्धिमिद्धिमि नन्मृदंगतुंगमंगल-
ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्ड ताण्डवः शिवः ॥11॥
 
दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजंग मौक्तिकमस्रजो-
र्गरिष्ठरत्नलोष्टयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।
तृणारविंदचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः
समं प्रवर्तयन्मनः कदा सदाशिवं भजे ॥12॥
 
कदा निलिंपनिर्झरी निकुजकोटरे वसन्‌
विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थमंजलिं वहन्‌।
विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः
शिवेति मंत्रमुच्चरन्‌कदा सुखी भवाम्यहम्‌॥13॥
 
निलिम्प नाथनागरी कदम्ब मौलमल्लिका-
निगुम्फनिर्भक्षरन्म धूष्णिकामनोहरः ।
तनोतु नो मनोमुदं विनोदिनींमहनिशं
परिश्रय परं पदं तदंगजत्विषां चयः ॥14॥
 
प्रचण्ड वाडवानल प्रभाशुभप्रचारणी
महाष्टसिद्धिकामिनी जनावहूत जल्पना ।
विमुक्त वाम लोचनो विवाहकालिकध्वनिः
शिवेति मन्त्रभूषगो जगज्जयाय जायताम्‌ ॥15॥
 
इमं हि नित्यमेव मुक्तमुक्तमोत्तम स्तवं
पठन्स्मरन्‌ ब्रुवन्नरो विशुद्धमेति संततम्‌।
हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नांयथा गतिं
विमोहनं हि देहना तु शंकरस्य चिंतनम ॥16॥
 
पूजाऽवसानसमये दशवक्रत्रगीतं
यः शम्भूपूजनमिदं पठति प्रदोषे ।
तस्य स्थिरां रथगजेंद्रतुरंगयुक्तां
लक्ष्मी सदैव सुमुखीं प्रददाति शम्भुः ॥17॥
 
॥ इति शिव तांडव स्तोत्रं संपूर्णम्‌॥

Wednesday, November 26, 2025

ॐ जय हनुमान दयालु,जय बजरंग बली!

ॐ जय हनुमान दयालु,
जय बजरंग बली!
संकट से रक्षा करते,
तुम हो रघुवर के वली! ॥ॐ जय…॥


---

सीता राम दूत तुम,
पवनपुत्र बलवान।
ललंकार में रणजीत,
शत्रु करें प्रणाम॥
कोरस: ॐ जय हनुमान…॥


राम नाम रस पीते,
तुम हो भक्तों के प्राण।
दीन दुखी जन रक्षक,
सुनते सबकी पुकार॥
कोरस: ॐ जय हनुमान…॥


---


बोलो हनुमान जी महाराज की — जय!
बोलो पवनसुत हनुमान की — जय!
रामदूत हनुमान की — जय!
अंजनीसुत हनुमान की — जय!


---

जय हनुमान, जय हनुमान,
जय हनुमान, जय हनुमान…॥


---

तुम बिन कौन सहारा — दयालु हनुमान!
तुम बिन कौन हमारा — कृपालु हनुमान!
संकट मोचन स्वामी — हनुमान हनुमान!
राम दूत वीर हनुमान — हनुमान हनुमान!


---

ॐ जय हनुमान दयालु,
जय बजरंग बली!
संकट से रक्षा करते,
तुम हो रघुवर के वली! ॥ॐ जय…॥


---


श्री राम जय राम जय जय राम,
श्री राम जय राम जय जय राम…॥
हनुमान जी महाराज की — जय!

Sunday, November 23, 2025

ସ୍ପଷ୍ଟଚିହ୍ନିତ ଲଘୁଚାପ କ୍ଷେତ୍ରରେ ପରିଣତ ହେଲା ଲଘୁଚାପ

୨୪ ଘଣ୍ଟାରେ ଅବପାତର ରୂପ ନେବା ସମ୍ଭାବନା

ପରବର୍ତ୍ତୀ ୪୮ ଘଣ୍ଟାରେ ବାତ୍ୟା ସମ୍ଭାବନା

ଭୁବନେଶ୍ଵର, ୨୩/୧୧: ଦକ୍ଷିଣ ଆଣ୍ଡାମାନ ସାଗରରେ ସ୍ପଷ୍ଟ ଚିହ୍ନିତ ହୋଇଛି ଲଘୁଚାପ କ୍ଷେତ୍ର। ସ୍ପଷ୍ଟଚିହ୍ନିତ ଲଘୁଚାପ କ୍ଷେତ୍ରରେ ପରିଣତ ହୋଇଛି ଲଘୁଚାପ। ଦକ୍ଷିଣ-ପୂର୍ବ ବଙ୍ଗୋପସାଗରରେ ସୃଷ୍ଟି ଲଘୁଚାପ କ୍ଷେତ୍ର ଆଗାମୀ ୨୪ ଘଣ୍ଟାରେ ଅବପାତ ହେବ। ୪୮ ଘଣ୍ଟା ପରେ ଆହୁରି ଘନୀଭୂତ ହୋଇ ଗଭୀର ଅବପାତର ରୂପ ନେବ। ଏହା ପଶ୍ଚିମ ଉତ୍ତର ପଶ୍ଚିମ ଦିଗରେ ଗତି କରିବ। ଆସନ୍ତା ୨୫ କିମ୍ବା ୨୬ ବେଳକୁ ବାତ୍ୟା ହେବାର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ବୋଲି ଆଇଏମଡି ପୂର୍ବାନୁମାନ କରିଛି।

ଇସିଏମ୍ଡବ୍ଲ୍ୟୁଏଫ୍ ମଡେଲ ଅନୁସାରେ, ଆସନ୍ତା ୧ ତାରିଖ ଅପରାହ୍ନ ବେଳକୁ ସମ୍ଭାବ୍ୟ ବାତ୍ୟା ଓଡ଼ିଶା ଉପକୂଳ ପାଖରେ ଥିବ। କିନ୍ତୁ ଏହା ଦିଗ ବଦଳାଇ ବାଂଲାଦେଶ ତଳ ହୋଇ ମ୍ୟାଁମାର ଆଡ଼କୁ ପଳାଇବ। ଆନ୍ଧ୍ର ଓ ମିଆଁମାର ମଧ୍ୟରେ ଲ୍ୟାଣ୍ଡଫଲ କରିବା ନେଇ ଆକଳନ କରାଯାଇଛି। ସମୁଦ୍ରରେ ଥାଇ ଦିଗ ବଦଳାଇ ଉତ୍ତର-ପୂର୍ବ ଦିଗରେ ଗତି କରି ବାଂଲାଦେଶ ଅଭିମୁଖେ ଯିବ। ତେବେ ଏହି ଦିଗ ପରିବର୍ତ୍ତନକୁ ନେଇ ବିଭିନ୍ନ ମଡେଲର ଆକଳନ ସ୍ପଷ୍ଟ ହୋଇନାହିଁ।

ବରିଷ୍ଠ କୃଷି ପାଣିପାଗ ବିଶେଷଜ୍ଞ ପ୍ରଫେସର ସୁରେନ୍ଦ୍ରନାଥ ପଶୁପାଳକ କହିଛନ୍ତି, ଓଡ଼ିଶାରେ ବାତ୍ୟା ଛୁଇଁବା ପାଇଁ ଅନୁକୂଳ ପରିସ୍ଥିତି ନାହିଁ। ବାତ୍ୟା କେଉଁଠାରେ ସ୍ଥଳଭାଗ ଛୁଇଁବ, ତାହା ୨୭ ତାରିଖ ବେଳକୁ ସ୍ପଷ୍ଟ ହେବ।

हनुमान चालीसा

श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि ।
बरनऊँ रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि ॥

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार ।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार ॥


जय हनुमान ज्ञान गुण सागर ।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥

रामदूत अतुलित बलधामा ।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा ॥

महाबीर बिक्रम बजरंगी ।
कुमति निवार सुमति के संगी ॥

कंचन बरन बिराज सुबेसा ।
कानन कुंडल कुंचित केसा ॥

हाथ वज्र औ ध्वजा विराजे ।
काँधे मूँज जनेऊ साजे ॥

शंकर सुवन केसरी नंदन ।
तेज प्रताप महा जग वंदन ॥

विद्यावान गुनी अति चातुर ।
राम काज करिबे को आतुर ॥

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया ।
राम लखन सीता मन बसिया ॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा ।
विकट रूप धरि लंक जरावा ॥

भीम रूप धरि असुर संहारे ।
रामचन्द्र के काज संवारे ॥

लाय सजीवन लखन जियाए ।
श्रीरघुवीर हरषि उर लाए ॥

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई ।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं ।
अस कहि श्रीपति कंथ लगावैं ॥

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा ।
नारद सारद सहित अहीसा ॥

यम कुबेर दिगपाल जहाँ ते ।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते ॥

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा ।
राम मिलाय राजपद दीन्हा ॥

तुम्हरो मंत्र विभीषन माना ।
लंकेश्वर भए सब जग जाना ॥

जुग सहस्र जोजन पर भानू ।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं ।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥

दुर्गम काज जगत के जेते ।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥

राम द्वारे तुम रखवारे ।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥

सब सुख लहैं तुम्हारी सरना ।
तुम रक्षक काहू को डर ना ॥

आपन तेज सम्हारो आपै ।
तीनों लोक हांक ते काँपै ॥

भूत पिशाच निकट नहिं आवै ।
महाबीर जब नाम सुनावै ॥

नासै रोग हरे सब पीरा ।
जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥

संकट से हनुमान छुड़ावै ।
मन क्रम वचन ध्यान जो लावै ॥

सब पर राम तपस्वी राजा ।
तिनके काज सकल तुम साजा ॥

और मनोरथ जो कोई लावै ।
सोई अमित जीवन फल पावै ॥

चारों जुग परताप तुम्हारा ।
है परसिद्ध जगत उजियारा ॥

साधु संत के तुम रखवारे ।
असुर निकंदन राम दुलारे ॥

अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता ।
अस वर दीन जानकी माता ॥

राम रसायन तुम्हरे पासा ।
सदा रहो रघुपति के दासा ॥

तुम्हरे भजन राम को पावै ।
जनम-जनम के दुख बिसरावै ॥

अंत काल रघुवर पुर जाई ।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई ॥

और देवता चित्त न धरई ।
हनुमंत सेइ सर्ब सुख करई ॥

संकट कटै मिटै सब पीरा ।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ॥

जय जय जय हनुमान गोसाईं ।
कृपा करहु गुरु देव की नाईं ॥

जो शत बार पाठ कर कोई ।
छूटहिं बंदि महासुख होई ॥

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा ।
होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥

तुलसीदास सदा हरि चेरा ।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा ॥

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप ।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ॥

“जय बजरंगबली!
जय हनुमान!
जय श्री राम!”

ଲିପିଡ୍ ପ୍ରୋଫାଇଲ୍ କ’ଣ?*

*ଲିପିଡ୍ ପ୍ରୋଫାଇଲ୍ କ’ଣ?*
ଜଣେ ପ୍ରସିଦ୍ଧ ଡାକ୍ତର ଲିପିଡ୍ ପ୍ରୋଫାଇଲ୍ କୁ ବହୁତ ଭଲ ଭାବରେ ବ୍ୟାଖ୍ୟା କରିଥିଲେ ଏବଂ ଏହାକୁ ଏକ ଅନନ୍ୟ ଉପାୟରେ ବ୍ୟାଖ୍ୟା କରି ଏକ ସୁନ୍ଦର କାହାଣୀ ସେୟାର କରିଥିଲେ।

କଳ୍ପନା କରନ୍ତୁ ଯେ ଆମ ଶରୀର ଏକ ଛୋଟ ସହର। ଏହି ସହରର ସବୁଠାରୁ ବଡ଼ ସମସ୍ୟା ସୃଷ୍ଟିକାରୀ ହେଉଛି - *କୋଲେଷ୍ଟ୍ରଲ୍*।

ତାଙ୍କର କିଛି ସାଥୀ ମଧ୍ୟ ଅଛନ୍ତି। ଅପରାଧରେ ତାଙ୍କର ମୁଖ୍ୟ ଅଂଶୀଦାର ହେଉଛି - *ଟ୍ରାଇଗ୍ଲିସେରାଇଡ୍।*

ସେମାନଙ୍କର କାମ ହେଉଛି ରାସ୍ତାରେ ବୁଲିବା, ବିଶୃଙ୍ଖଳା ସୃଷ୍ଟି କରିବା ଏବଂ ରାସ୍ତା ଅବରୋଧ କରିବା।

*ହୃଦୟ* ଏହି ସହରର କେନ୍ଦ୍ର। ସମସ୍ତ ରାସ୍ତା ହୃଦୟକୁ ନେଇଯାଏ।

ଯେତେବେଳେ ଏହି ସମସ୍ୟା ସୃଷ୍ଟିକାରୀମାନେ ବଢ଼ିବାକୁ ଆରମ୍ଭ କରନ୍ତି, ଆପଣ କଳ୍ପନା କରିପାରିବେ କ’ଣ ହୁଏ। ସେମାନେ ହୃଦୟର କାମରେ ବାଧା ସୃଷ୍ଟି କରିବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରନ୍ତି।
କିନ୍ତୁ ଆମର ଶରୀର-ନଗରରେ ଏକ ପୋଲିସ ଫୋର୍ସ ମଧ୍ୟ ନିୟୋଜିତ ଅଛି - *HDL*
ଭଲ ପୋଲିସ ଏହି ସମସ୍ୟା ସୃଷ୍ଟିକାରୀମାନଙ୍କୁ ଧରି ଜେଲରେ ରଖେ *(ଯକୃତ)*।
ତା’ପରେ ଯକୃତ ସେମାନଙ୍କୁ ଶରୀରରୁ ବାହାର କରିଦିଏ - ଆମର ଡ୍ରେନେଜ୍ ସିଷ୍ଟମ ମାଧ୍ୟମରେ।

କିନ୍ତୁ ଏକ ଖରାପ ପୋଲିସ ମଧ୍ୟ ଅଛି - *LDL* ଯିଏ କ୍ଷମତା ପାଇଁ ଭୋକିଲା।

 LDL ଏହି ଅପରାଧୀମାନଙ୍କୁ ଜେଲରୁ ବାହାର କରି ପୁଣି ରାସ୍ତାରେ ଛାଡ଼ିଦିଏ।

ଯେତେବେଳେ ଭଲ ପୋଲିସ *HDL* ଖସିଯାଏ, ସମଗ୍ର ସହର ଅସ୍ତବ୍ୟସ୍ତ ହୋଇଯାଏ।

ଏପରି ସହରରେ କିଏ ରହିବାକୁ ଚାହିଁବ?

ଆପଣ କ’ଣ ଏହି ଅପରାଧୀମାନଙ୍କୁ କମ କରିବାକୁ ଏବଂ ଭଲ ପୋଲିସଙ୍କ ସଂଖ୍ୟା ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ଚାହାଁନ୍ତି?

*ଚାଲିବା* ଆରମ୍ଭ କରନ୍ତୁ!

ପ୍ରତ୍ୟେକ ପଦକ୍ଷେପ ସହିତ *HDL* ବୃଦ୍ଧି ପାଇବ, ଏବଂ *କୋଲେଷ୍ଟ୍ରଲ୍, ଟ୍ରାଇଗ୍ଲିସେରାଇଡ୍* ଏବଂ *LDL* ପରି ଅପରାଧୀମାନେ ହ୍ରାସ ପାଇବେ।

ଆପଣଙ୍କ ଶରୀର (ନଗର) ପୁଣି ଜୀବନ୍ତ ହୋଇଯିବ।

ଆପଣଙ୍କ ହୃଦୟ - ସହର କେନ୍ଦ୍ର - ଦୁର୍ବ୍ୟବହାରକାରୀଙ୍କ ଅବରୋଧ *(ହୃଦୟ ଅବରୋଧ)* ରୁ ସୁରକ୍ଷିତ ରହିବ।

ଏବଂ ଯେତେବେଳେ ହୃଦୟ ସୁସ୍ଥ ରହିବ, ଆପଣ ମଧ୍ୟ ସୁସ୍ଥ ରହିବେ।

ତେଣୁ ଯେତେବେଳେ ଆପଣ ସୁଯୋଗ ପାଇବେ - ଚାଲିବା ଆରମ୍ଭ କରନ୍ତୁ!

 *ସୁସ୍ଥ ରୁହନ୍ତୁ...* ଏବଂ *ଆପଣଙ୍କ ସୁସ୍ଥତା କାମନା କରୁଛି*
*ଏହି ଲେଖାଟି ଆପଣଙ୍କୁ HDL (ଭଲ କୋଲେଷ୍ଟ୍ରଲ୍) ବୃଦ୍ଧି କରିବା ଏବଂ LDL (ଖରାପ କୋଲେଷ୍ଟ୍ରଲ୍) ହ୍ରାସ କରିବାର ସର୍ବୋତ୍ତମ ଉପାୟ ଅର୍ଥାତ୍ ଚାଲିବା ବିଷୟରେ କହିଥାଏ।*
ପ୍ରତ୍ୟେକ ପଦକ୍ଷେପ HDL ବୃଦ୍ଧି କରେ।  ତେଣୁ – *ଆସନ୍ତୁ, ଆଗକୁ ବଢ଼ନ୍ତୁ ଏବଂ ଆଗକୁ ବଢ଼ିବା ଜାରି ରଖନ୍ତୁ।*

*ବରିଷ୍ଠ ନାଗରିକ ସପ୍ତାହର ଶୁଭେଚ୍ଛା*

ଏହି ଜିନିଷଗୁଡ଼ିକ ହ୍ରାସ କରନ୍ତୁ:-

୧. ଲୁଣ

୨. ଚିନି

୩. ବ୍ଲିଚ୍ ହୋଇଥିବା ରିଫାଇନ୍ ମଇଦା

୪. କ୍ଷୀରଜାତ ଦ୍ରବ୍ୟ

୫. ପ୍ରକ୍ରିୟାକୃତ ଖାଦ୍ୟ

*ପ୍ରତିଦିନ ଏହି ଜିନିଷଗୁଡ଼ିକ ଖାଆନ୍ତୁ:-*

୧. ପନିପରିବା

୨. ଡାଲି

୩. ବିନ୍ସ

୪. ବାଦାମ

୫. ଥଣ୍ଡା ଚାପଯୁକ୍ତ ତେଲ

୬. ଫଳ

* ଭୁଲିଯିବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରିବାକୁ ତିନୋଟି ଜିନିଷ:*

୧. ଆପଣଙ୍କ ବୟସ

୨. ଆପଣଙ୍କ ଅତୀତ

୩. ଆପଣଙ୍କ ଅଭିଯୋଗ

*ଚାରୋଟି ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଜିନିଷ ଗ୍ରହଣ କରିବାକୁ:*

୧. ଆପଣଙ୍କ ପରିବାର

୨. ଆପଣଙ୍କ ବନ୍ଧୁ

୩. ସକାରାତ୍ମକ ଚିନ୍ତାଧାରା

୪. ସଫା ଏବଂ ସ୍ୱାଗତଯୋଗ୍ୟ ଘର

*ନିଜ ଗତିରେ ନିୟମିତ ଶାରୀରିକ କାର୍ଯ୍ୟକଳାପ କରନ୍ତୁ

୩. ଆପଣଙ୍କ ଓଜନ ଯାଞ୍ଚ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ କରନ୍ତୁ

*ଛଅଟି ଜରୁରୀ ଜୀବନଶୈଳୀ ଅଭ୍ୟାସ ଯାହାକୁ ଆପଣ ଗ୍ରହଣ କରିବା ଉଚିତ:*

୧. ପାଣି ପିଇବା ପାଇଁ ଶୋଷ ଲାଗିବା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଅପେକ୍ଷା କରନ୍ତୁ ନାହିଁ।  ୨. ବିଶ୍ରାମ ନେବା ପାଇଁ କ୍ଳାନ୍ତ ହେବା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଅପେକ୍ଷା କରନ୍ତୁ ନାହିଁ।

୩. ଡାକ୍ତରୀ ପରୀକ୍ଷା ପାଇଁ ଅସୁସ୍ଥ ହେବା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଅପେକ୍ଷା କରନ୍ତୁ ନାହିଁ।

୪. ଚମତ୍କାର ପାଇଁ ଅପେକ୍ଷା କରନ୍ତୁ ନାହିଁ, ଈଶ୍ୱରଙ୍କ ଉପରେ ବିଶ୍ୱାସ ରଖନ୍ତୁ।

୫. କେବେବି ନିଜ ଉପରେ ବିଶ୍ୱାସ ହରାନ୍ତୁ ନାହିଁ।

୬. ସକାରାତ୍ମକ ରୁହନ୍ତୁ ଏବଂ ସର୍ବଦା ଏକ ଭଲ କାଲି ପାଇଁ ଆଶା କରନ୍ତୁ।

ଯଦି ଆପଣଙ୍କର ଏହି ବୟସ ଗୋଷ୍ଠୀର ବନ୍ଧୁ ଅଛନ୍ତି *(୪୫-୮୦ ବର୍ଷ)* ଦୟାକରି ସେମାନଙ୍କୁ ଏହା ପଠାନ୍ତୁ।

*ବରିଷ୍ଠ ନାଗରିକ ସପ୍ତାହର ଶୁଭେଚ୍ଛା!* 
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Friday, November 21, 2025

କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ ମାଧ୍ୟମରେ ଓଡ଼ିଶାରେ ଦୁଗ୍ଧ ବିକାଶ

ଶିରୋନାମା: କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ ମାଧ୍ୟମରେ ଓଡ଼ିଶାରେ ଦୁଗ୍ଧ ବିକାଶ— ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ରେ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ସମନ୍ବୟ ସମ୍ମିଳନୀ 
ଭୁବନେଶ୍ୱର: ଓଡ଼ିଶାର ଗ୍ରାମୀଣ ଅର୍ଥନୀତିକୁ ସୁଦୃଢ଼ କରିବା, ଚାଷୀଙ୍କ ନିଶ୍ଚିତ ଆୟକୁ ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିବା ଏବଂ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନକୁ ଉଦ୍ୟମୀକରଣ ମାଧ୍ୟମରେ ନୂଆ ଦିଗକୁ ଆଣିବା ପାଇଁ ଆଜି ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ (OUAT) ପରିସରରେ “କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ ବିକାଶ ମାଧ୍ୟମରେ ଓଡ଼ିଶାରେ ଦୁଗ୍ଧ ବିକାଶର ରଣନୀତିକରଣ” ବିଷୟକ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ସମନ୍ବୟ ସମ୍ମିଳନ ଆୟୋଜିତ ହେଲା।

ଏହି ସଭାରେ ସରକାରୀ ବିଭାଗ, ଅର୍ଥ ସଂସ୍ଥା, ବେସରକାରୀ କମ୍ପାନୀ, ଶିକ୍ଷାବିଦ୍, ଗବେଷକ ଏବଂ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ  ପ୍ରତିନିଧିମାନେ ଗୋପାଳନ ଉଦ୍ୟମକୁ କିପରି ଆର୍ଥିକ ଭାବେ ଶକ୍ତିଶାଳୀ କରି ପାରିବ, ସେଥିରେ ଚର୍ଚ୍ଚା କଲେ।

ସମ୍ମିଳନୀରେ ଉଲ୍ଲେଖ ହେଲା ଯେ ଗୋପାଳନ କେବଳ ଦୁଧ ବିକ୍ରୟ ନୁହେଁ; ଏହା ଲକ୍ଷାଧିକ ପରିବାରଙ୍କ ପାଇଁ ଦୈନିକ ଆୟ ଓ ଗ୍ରାମିଣ ଅର୍ଥନୀତିର ସ୍ଥମ୍ଭ। ମୌସୁମୀ କୃଷି ଉପରେ ନିର୍ଭର ଓଡ଼ିଶାରେ ଗୋପାଳନ ହେଉଛି ନିର୍ବିକଳ୍ପ ଆୟର ସ୍ଥିର ମାଧ୍ୟମ।

ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟର ଉପକୁଳପତି ପ୍ରଫେସର ପ୍ରଭାତ କୁମାର ରାଉଳ ନୋମାଡିକ ଆଗ୍ରିକଲ୍ଚର, ସ୍ମାର୍ଟ ଡେରି ଫାର୍ମିଂ, ଗୋ-ଆଧାର କାର୍ଡ (Cattle ID) ଏବଂ ଦେଶୀ ଗୋ-ଉତ୍ପାଦର GI Tagging ଜି ଆଇ ଟ୍ୟାଗ ଭଳି ନୂତନ ମଡେଲ୍ ଗ୍ରହଣ କରିବା ପାଇଁ ଆହ୍ୱାନ କଲେ।

ଦେଶୀ ପ୍ରଜାତିର ଗୋ ବଂଶ ସୁରକ୍ଷା ପାଇଁ ଗବେଷଣା କରୁଥିବା ପ୍ରଫେସର ଏସ୍ କେ ଦାସ ବିଞ୍ଝାରପୁରୀ ଗାଈ ର ବିକାଶ ସଂରକ୍ଷଣ ପାଇଁ ଓ ଟ୍ରାକ୍ଟର ପାୱାର ଟିଲର୍ସ ପରି ବଳଦ କିଣିବା ବେଳେ ସରକାରୀ ସହାୟତା ଲୋଡିଥିଲେ l

ଡକ୍ଟର ଶ୍ରାବଣୀ ଦାସ ଦେଶୀ ଗାଈ ଦୁଗ୍ଧଜାତ ସମାଗ୍ରୀ ର ବିକ୍ରୟ ପାଇଁ ଓ ସବୁଜ ଘାସ ସ୍ରୁଷ୍ଟି କରିବା ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ଵ ଦେଇଥିଲେ l

ବୌଦ୍ଧ ଜିଲ୍ଲା ସାଲୁଙ୍କି ଏଫ୍ ପି ଓ ର ସି ଇ ଓ କୃତିବାସ ପଲିଆ ଗୋଚର ଜମିକୁ ସରକାର ଘାସ ଚାଷ ପାଇଁ ଲିଜ୍ ଦେବାକୁ ପ୍ରସ୍ତାବ ରଖିଥିଲେ l
ଆଳି ଆଗ୍ରୋ ପ୍ରଡ୍ୟୁସର କମ୍ପାନୀ ଲିମିଟେଡ ର ପରିଚାଳନା ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ଜଗନ୍ନାଥ ମହାନ୍ତି ବିଞ୍ଝାରପୁରୀ ଗାଈର କ୍ଷୀର ସଂଗ୍ରହ ତଥା ପ୍ରକ୍ରିୟାକରଣ ତଥା ଓ ଇଉ ଏ ଟି ର ପ୍ରସ୍ତୁତ ଦାନା ବିତରଣ, ଗୋବଂଶର ବୃଦ୍ଧି ଓ ବ୍ୟବସାୟୀ କରଣ ପାଇଁ ଫାର୍ମର ପ୍ରଡ୍ୟୁସର କମ୍ପାନୀ ମାନଙ୍କୁ ସରକାରୀ ପ୍ରୋତ୍ସାହନ ଦେବାକୁ ପ୍ରସ୍ତାବ ରଖିଥିଲେ l

ସ୍ୱାବଲମ୍ବୀ ଭାରତ ଅଭିଯାନର ପୂର୍ବ ଜୋନ କୋଅର୍ଡିନେଟର ଶ୍ରୀ ସାରଦା ସତପଥୀ ଦେଶୀ ଗୋବଂଶ ସୁରକ୍ଷା, A2 ଦୁଧର ବ୍ରାଣ୍ଡିଂ ଓ ଗୋବର ଏବଂ ଗୋମୂତ୍ର ଉଦ୍ୟୋଗ ମାଧ୍ୟମରେ ଯୁବମାନଙ୍କ ପାଇଁ ରୋଜଗାର ସୃଷ୍ଟିର ଆବଶ୍ୟକତା ଉପସ୍ଥାପନ କଲେ।

ମତ୍ସ୍ୟ ଓ ପ୍ରାଣୀ ସମ୍ପଦ ବିଭାଗ ପକ୍ଷରୁ ଶ୍ରୀ ବାଦଲ କୁମାର ମହାନ୍ତି କହିଲେ ଯେ 2047 ସୁଦ୍ଧା ଓଡ଼ିଶା ପ୍ରତିଦିନ 6000 ମେଟ୍ରିକ୍ ଟନ ଦୁଧ ଉତ୍ପାଦନ ଲକ୍ଷ୍ୟ ନେଇ ଆଗୁଆଁ ଚାଲିଛି। ଆମୁଲ୍ ମଡେଲ୍ ଭଳି “ନୂଆ ଆନନ୍ଦ ମୋଡେଲ୍” ଅନୁସରଣ କରି ରାଜ୍ୟକୁ ଦୁଗ୍ଧ କ୍ଷେତ୍ରରେ ଶକ୍ତିକେନ୍ଦ୍ର କରି ତୋଳିବା ଲକ୍ଷ୍ୟ ନିର୍ଦ୍ଧାରିତ।

ବିଶେଷଜ୍ଞମାନେ ଦେଶୀ ଘିଅ, ପନୀର, ଛେନା ଇତ୍ୟାଦିକୁ ଜାତୀୟ ଓ ଆନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ବଜାରରେ ସ୍ଥାନ ଦେବା, ଯୁବ ଉଦ୍ୟମୀଙ୍କୁ ଲୋନ୍-ସବସିଡି ଏବଂ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ ମାନଙ୍କୁ ଦୁଗ୍ଧଜାତ ଦ୍ରବ୍ଯ ପ୍ରସ୍ତୁତିକରଣ ଯନ୍ତ୍ରପାତି ପାଇଁ ସହାୟତା ଦେବାର ଆବଶ୍ୟକତା ଉଠାଇଲେ। ଏହାସହିତ ଦେଶୀ ଦୁଧ ପାଇଁ MSP, ଏମ୍ ଏସ୍ ପି ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶ ପାଇଁ ଭତ୍ତା, ଡିଜିଟାଲ୍ ଟିକାକରଣ ପ୍ରଣାଳୀ ଓ ସବୁଜ ଘାସ ଚାଷ ବିକାଶର ପ୍ରସ୍ତାବ ମଧ୍ୟ କୃଷକ ସଂଗଠନ ପକ୍ଷରୁ ଉପସ୍ଥାପିତ କରାଗଲା ।

ସଭାର ଶେଷ ସନ୍ଦେଶ ଥିଲା—
“କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ମାଧ୍ୟମରେ ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶ ଆଧାରିତ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ଓ ଗୋପାଳନ ବିକାଶ—ଓଡ଼ିଶାର ଉନ୍ନତିର ନୂଆ ଦିଗ।”

ସରକାର-ବେସରକାରୀ ସଂସ୍ଥାମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସହଯୋଗ, ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ (OUAT ଭଳି ଶିକ୍ଷାନୁଷ୍ଠାନଙ୍କ ଗବେଷଣା ଜ୍ଞାନ, ନାବାର୍ଡ-ନାଫେଡ୍-ଏପିକଲ୍ ଭଳି ସଂସ୍ଥାମାନଙ୍କ ଅର୍ଥ ଓ ବଜାର ସହାୟତା ଓ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ମାନଙ୍କ ତଳସ୍ତରୀୟ ଯୋଜନା ମିଶିଲେ ଓଡ଼ିଶା ଆଗାମୀ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଦେଶର ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ନୀତିର ଇତିହାସ ପୁନଃଲେଖନ କରିପାରିବ।

ସମ୍ମିଳନ ଏକ ନୂଆ ବାଣୀ ଦେଇ ଶେଷ ହେଲା—
“ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶ , ଦେଶୀ ଦୁଧ ଓ ଦେଶୀ ଉଦ୍ୟମ — ଓଡ଼ିଶାର ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ଉନ୍ନତିର ତ୍ରିମୂର୍ତ୍ତି।”

ମତ୍ସ୍ୟ ଏବଂ ପ୍ରାଣୀ ସମ୍ପଦ ବିକାଶ ବିଭାଗ

ନମସ୍କାର, ଆପଣ ଦେଖୁଛନ୍ତି କୋଷ୍ଟାଲ ନ୍ୟୁଜ ଓଡ଼ିଆ ।
ଆଜିର ମୁଖ୍ୟ ଖବର—
ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ , ଭୁବନେଶ୍ଵରରେ ଆୟୋଜିତ ହେଲା ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ସମନ୍ବୟ ସଭା, ଯେଉଁଠାରେ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦକ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ  ମାନଙ୍କୁ କେନ୍ଦ୍ର କରି ଓଡ଼ିଶାର ଭବିଷ୍ୟତ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ମାନଚିତ୍ର ନିର୍ମାଣ ପାଇଁ ବିଶାଳ ଯୋଜନା ବିଷୟରେ ଚର୍ଚ୍ଚା ହେଲା।

ଆମେ ଏଇ ଭିଡ଼ିଓରେ ଆପଣଙ୍କୁ ସୂଚନା ଦେବୁ —
ଏହି ସଭାର ମୁଖ୍ୟ ନିଷ୍କର୍ଷ , ବିଶେଷଜ୍ଞଙ୍କ ମତ, ନୂଆ ଲକ୍ଷ୍ୟ, ଏବଂ ଓଡ଼ିଶାର ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦକ ଚାଷୀଙ୍କ ପାଇଁ କଣ ନୂଆ ସୁଯୋଗ ଖୋଲିଲା।

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ସଭାର ସାରକଥା – ଓଡ଼ିଶାର ଡେରି ଭବିଷ୍ୟତ ପାଇଁ ଆଉ ଏକ ବଡ଼ ପଦକ୍ଷେପ**

ଭୁବନେଶ୍ଵରର ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ  ରେ “" କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ବିକାଶ ମାଧ୍ୟମରେ ଓଡ଼ିଶାରେ ଦୁଗ୍ଧ ବିକାଶର ରଣନୀତିକରଣ।" ” ବିଷୟକ ଏକ ମହତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ସମିକ୍ଷା ସଭା ଆୟୋଜିତ ହେଲା।

ଏହାର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ—
ଓଡ଼ିଶାର ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନକୁ ନୂଆ ଗତି ଦେବା, ଚାଷୀଙ୍କ ଆୟ ବୃଦ୍ଧି କରିବା, ଏବଂ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ଆଧାରିତ ଉଦ୍ୟମକୁ ଜୋରଦାର କରିବା।

ସଭାରେ ଥିଲେ—
👉 ୨୧ ଗୋଟି କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ର ପ୍ରତିନିଧି 
👉 ୧୨ ଟି ଜିଲ୍ଲାର ପ୍ରତିନିଧି,
👉  ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ର ପଶୁଚିକିତ୍ସା ବିଶେଷଜ୍ଞ,
👉 ନାବାର୍ଡ, ଆପିକୋଲ୍, କେଭିକେ, ମିଲ୍କ ମନ୍ତ୍ର  ଓ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ମୁଖ୍ୟ ଅଂଶୀଦାର।

ଏହା ଯଥାର୍ଥରେ ଓଡ଼ିଶାର ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ଇତିହାସରେ ଏକ ନୂତନ ଅଧ୍ୟାୟ।


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ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ  ଉପକୁଳପତି ଙ୍କ ଭବିଷ୍ୟତ ଦୃଷ୍ଟିକୋଣ**

ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଥିଲେ—
ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ  ର ଗରିମାମୟ ଉପକୁଳପତି, ପ୍ରଫେସର ପ୍ରଭାତ କୁମାର ରାଉଳ।

ସେ କହିଲେ—
✔️ ଓଡ଼ିଶାରେ ନୋମାଡିକ ଆଗ୍ରିକଲ୍ଚର ବିକାଶ ପାଇଁ ଅପାର ସମ୍ଭାବନା।
✔️ ରାଜ୍ୟର ପ୍ରତ୍ୟେକ ଗୋଯାର କୁ ଏକ ଆଧାର କାର୍ଡ ଭଳି ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଆଇଡି ଦିଆଯିବା ଉଚିତ।
✔️ ଦେଶୀ ଗାଈ ମାନଙ୍କ ଉତ୍ପାଦକୁ ଜୀଆଇ ଟ୍ୟାଗ ଦେଇ ବଜାରରେ ଓଡ଼ିଶା ବ୍ରାଣ୍ଡ ତିଆରି କରାଯିବା ଆବଶ୍ୟକ।
✔️ ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ କୁ ସ୍ମାର୍ଟ ଫାର୍ମିଂ, ଆଇ ଓ ଟି ଓ ଡିଜିଟାଲ୍ ତନ୍ତ୍ର ସହିତ ଯୋଡ଼ିବା ଦିନର ଆବଶ୍ୟକତା ରହିଛି ।

ତାଙ୍କ ଆବାର୍ତ୍ତିତ ବାର୍ତ୍ତା ଥିଲା—
“ଦେଶୀ ବଂଶର ସୁରକ୍ଷା, ଦେଶୀ ଦୁଧର ମାନ, ଏବଂ ଦେଶୀ ଚାଷୀର ଶକ୍ତି—ଏହା ହେଉଛି ଓଡ଼ିଶାର ଭବିଷ୍ୟତ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ମଡେଲ୍।”


ସ୍ୱାବଲମ୍ବୀ ଭାରତ ଅଭିଯାନ ର ଆହ୍ୱାନ**

ଶ୍ରୀ ସାରଦା ସତପଥୀ, ପୂର୍ବ ମଣ୍ଡଳ କୋଅର୍ଡିନେଟର କହିଲେ—

✔️ ଦେଶୀ ଗୋବଂଶ ସୁରକ୍ଷା ବିନା ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ରେ ସମୃଦ୍ଧିଶାଳୀ ହେବା ଅସମ୍ଭବ।
✔️ A2 ଏ ଟୁ ଦୁଧ—ଏହା ହେବ ଓଡ଼ିଶାର ଆଗାମୀ ବ୍ରାଣ୍ଡ।
✔️ ଗୋବର ଓ ଗୋମୂତ୍ର ଆଧାରିତ ଉଦ୍ୟମ—
ବିଜ୍ଞାନସମ୍ମତ, ଲାଭଜନକ, ଏବଂ ଯୁବ ଉଦ୍ୟମୀଙ୍କୁ ନୂଆ ଦିଗ ଦେବ।

ସେ କହିଲେ—
“ଦେଶୀ ଗୋ ମାତା —ଦେଶର ଶକ୍ତି। ତାହାକୁ ବଞ୍ଚେଇବା ଆମର କର୍ତ୍ତବ୍ୟ।”




ମତ୍ସ୍ୟ ଏବଂ ପ୍ରାଣୀ ସମ୍ପଦ ବିକାଶ ବିଭାଗର ମହାତ୍ୱାକାଙ୍କ୍ଷୀ ଲକ୍ଷ୍ୟ, 2047 ରେ 6000 ମେଟ୍ରିକ୍ ଟନ ଦୁଧ**

ବିଶେଷ ଅତିଥି ଶ୍ରୀ ବାଦଲ କୁମାର ମହାନ୍ତି, ମାନ୍ୟବର ମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଅତିରିକ୍ତ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ଏବଂ ପିଏସ୍, ମତ୍ସ୍ୟ ଏବଂ ପ୍ରାଣୀ ସମ୍ପଦ ବିକାଶ ବିଭାଗ କହିଲେ—

🔶 ଓଡ଼ିଶାକୁ ଆନନ୍ଦ ମୋଡେଲ୍ ଭଳି ପରିବର୍ତ୍ତିତ କରିବା ହେଉଛି ଆମର ଲକ୍ଷ୍ୟ।
🔶 ରାଜ୍ୟରେ ବଡ଼ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ପ୍ରୋସେସିଙ୍ଗ କେନ୍ଦ୍ର ବଢ଼ାଇବା ଆବଶ୍ୟକ।
🔶 ପ୍ରତିଦିନ ଦୁଧ ଉତ୍ପାଦନ ବଢାଇବା 6000 ମେଟ୍ରିକ୍ ଟନ ପହଞ୍ଚାଇବା 2047 ର ଟାର୍ଗେଟ।
🔶 ହାଇଜିନ୍, ଭ୍ୟାକ୍ସିନେସନ୍, ପୋଷଣ ଓ ଗୁଣନିୟନ୍ତ୍ରଣ ହେବ ପ୍ରାଥମିକତା।

ସେ ସ୍ପଷ୍ଟ କହିଲେ—
“କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ମାନେ ରାଜ୍ୟର ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ଭବିଷ୍ୟତର ମୂଳ ଶକ୍ତି।”




ପ୍ୟାନେଲ୍ ଚର୍ଚ୍ଚା – ଚାଷୀଙ୍କ ପାଇଁ କଣ ଆସୁଛି?**

ଦୁଇଟି ବଡ଼ ପ୍ୟାନେଲ୍ ଚର୍ଚ୍ଚାରେ ଉଠିଲା ଅନେକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ପ୍ରସ୍ତାବ—

✔️ ଦେଶୀ ଦୁଧ ପାଇଁ ଏମ୍ ଏସ୍  ପି 

ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶର ଦୁଧକୁ ସ୍ଥାୟୀ ମୂଲ୍ୟ ଦେବା ପାଇଁ ଚାଷୀଙ୍କ ଦାବି।

✔️ ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶ ସଂରକ୍ଷଣ ପାଇଁ ମାସିକ ଇନ୍ସେଣ୍ଟିଭ୍

ଚାଷୀମାନେ ଦୀର୍ଘ ସମୟ ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶ କ୍ଷତି ସହି କେମିତି ରଖିବେ—
ତାପାଇଁ ମାସିକ ସହାୟତା ଦେବା ଯୋଜନା ଉଠିଲା।

✔️ ଅନୁନ୍ନତ ଚାରା ଚାଷ

ଚାରା ଅଭାବ—ଡେରିର ମୂଳ ସମସ୍ୟା।
ଏହାକୁ ଦୂର କରିବାକୁ ନୂଆ ପ୍ରକଳ୍ପ ଆଣିବା ପ୍ରସ୍ତାବ। ଗୋଚର ବା ସରକାରୀ ଜମିକୁ ଲିଜ୍ ରେ ନେଇ ଉନ୍ନତ ଘାସ ଚାଷ 

✔️ ଗୋବର ଓ ଗୋମୂତ୍ର ବ୍ୟବସାୟ

ଏହା ହେବ ଗ୍ରାମୀଣ ଉଦ୍ୟମର ଆଗାମୀ ଆଧାର।

✔️ ବଳଦ ଆଧାରିତ କୃଷି ର ପୂନରୁଦ୍ଧାର

ପରିବେଶ, ସାଥୀ କୃଷିରେ ଏହା ଅତ୍ୟନ୍ତ ପ୍ରୟୋଜନୀୟ।

✔️ ଦେଶୀ ଘିଅ, ପନୀର, ଛେନାର ବ୍ରାଣ୍ଡିଂ

ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶର ଉତ୍ପାଦକୁ ସିଧା ବଜାର ସହିତ ଯୋଡିବା ପାଇଁ ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ  ତରଫରୁ ଉପଦେଶ।


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  – ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନରେ ଓଡ଼ିଶାର ନୂଆ ଯାତ୍ରା**

ସଭାର ନିଷ୍କର୍ଷ ଏକ
ଓଡ଼ିଶାକୁ ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶ ଓ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ଆଧାରିତ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦକ ମଡେଲ୍ ଦ୍ୱାରା ସଶକ୍ତ କରାଯିବ।

ଏହା ଗୋଟେ ମାତ୍ର ସଭା ନୁହେଁ—
ଏହା ହେଉଛି ଓଡ଼ିଶାର ଗ୍ରାମୀଣ ଅର୍ଥନୀତିକୁ ପୁନର୍ଗଠନ ନେଇ ଏକ ମଜବୁତ ରୋଡମ୍ୟାପ୍।


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ଧନ୍ୟବାଦ!
ଉପକୁଳ ସମାଚାର 
ବନ୍ଦେ ଉତ୍କଳ ଜନନୀ 

ଓଡିଶା କୃଷି ଏବଂ ବୈଷୟିକ ବିଶ୍ଵବିଦ୍ୟାଳୟ ରେ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ସମନ୍ବୟ ସଭା: ଓଡ଼ିଶାର ଗୋପାଳନ ମାନଚିତ୍ର ଉପରେ ଏକ ନୂଆ ପଟ୍ଟଚିତ୍ର

ଓଡିଶା କୃଷି ଏବଂ ବୈଷୟିକ ବିଶ୍ଵବିଦ୍ୟାଳୟ ରେ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ସମନ୍ବୟ ସଭା: ଓଡ଼ିଶାର ଗୋପାଳନ ମାନଚିତ୍ର ଉପରେ ଏକ ନୂଆ ପଟ୍ଟଚିତ୍ର 
ଭୁବନେଶ୍ୱର, 

ଓଡ଼ିଶାର ଗ୍ରାମୀଣ ଅର୍ଥନୀତି, ଚାଷୀଙ୍କ ନିଶ୍ଚିତ ଆୟ ଏବଂ ରାଜ୍ୟର ଗୋପାଳନ ଉଦ୍ୟମୀକରଣକୁ ନୂଆ ଦିଗରେ ଆଗେଇ ନେବା ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ଆଜି ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ (OUAT) ପରିସରରେ “Strategizing Dairy Development in Odisha Through FPO Development”
କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ ବିକାଶ ମାଧ୍ୟମରେ ଓଡ଼ିଶାରେ ଦୁଗ୍ଧ ବିକାଶର ରଣନୀତିକରଣ।" ବିଷୟକ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ସମନ୍ବୟ ସମ୍ମିଳନ ଆୟୋଜିତ ହେଲା।
ଏହି ସଭା ମାତ୍ର ଏକ ସାଧାରଣ ଆଲୋଚନା ନୁହେଁ—ଏହା ଦୁଗ୍ଧକୁ କେନ୍ଦ୍ର କରିଥିବା ରାଜ୍ୟର ସମ୍ଭାବ୍ୟ ଭବିଷ୍ୟତର ମୂଳ ଗଠନ ଭାବେ ନବୀନ ଚିନ୍ତନ ଓ ଯୋଜନାର ଏକ ମଞ୍ଚ ଭାବେ ପ୍ରତିଭାତ ହୋଇଥିଲା ।

ସରକାରୀ ବିଭାଗ, ଅର୍ଥ ସଂସ୍ଥା, ଶିକ୍ଷାନୁଷ୍ଠାନ, ବେସରକାରୀ ସଂଗଠନ , ଗବେଷକ ଓ କୃଷକଙ୍କ ପ୍ରମୁଖ ସଂଗଠନ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ Farmer Producer Organization (FPO) ମାନେ ଗୋଟିଏ ମଞ୍ଚରେ ବସି ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନକୁ କେମିତି ଆର୍ଥିକ ଭାବେ ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିହେବ , ତାହା ଉପରେ ଗଭୀର ଚର୍ଚ୍ଚା କରିଥିଲେ ।

ଗ୍ରାମୀଣ ଅର୍ଥନୀତିରେ ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ଭୂମିକା: ସମ୍ମିଳନୀର ମୂଳ ସନ୍ଦେଶ ଥିଲା 

ଗୋପାଳନ କେବଳ ଦୁଧ ବିକ୍ରୟ ପାଇଁ ନୁହେଁ—
ଏହା ଲକ୍ଷାଧିକ ପରିବାରଙ୍କ ପାଇଁ ନିର୍ବିକଳ୍ପ ଦୈନିକ ଆୟ, ପରିବାରୀକ ଜୀବିକାର ଭରସା ଏବଂ ଗ୍ରାମୀଣ ଅର୍ଥନୀତିର ସ୍ଥିରତା।

ମୌସୁମୀ କୃଷି ଉପରେ ନିର୍ଭର ରାଜ୍ୟ ଓଡ଼ିଶାରେ ବର୍ଷା ଓ ପାଣିପାଗ ପରିସ୍ଥିତି ଭିତ୍ତିକ ଅସ୍ଥିରତା ଯେପରି ଚାଷୀଙ୍କ ଆୟକୁ ପ୍ରଭାବିତ କରେ, ସେଠାରେ ଗୋପାଳନ ହେଉଛି ସମୟସାପେକ୍ଷ ଓ ନିର୍ବିକଳ୍ପ ଆୟର ଏକ ସ୍ଥିର ବିନ୍ଦୁ ।

ଏହି ପୃଷ୍ଠଭୂମିରେ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ ଭିତ୍ତିକ ଗୋପାଳନ ବ୍ୟବସ୍ଥାପନର ସମ୍ଭାବନା ଅନେକ ଗୁଣ ଅଧିକ।

ଏହି ମୂଳ ଧାରଣାକୁ ନେଇ ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟର ସମନ୍ବୟ ସଭା ଏକ ପ୍ରାସଙ୍ଗିକ ଏବଂ ଭବିଷ୍ୟତମୁଖୀ ପଦକ୍ଷେପ ଭାବେ ପରିଗଣିତ ହୋଇଛି ।

ଉପକୁଳପତିଙ୍କ ଭବିଷ୍ୟତ ଦିଗଦର୍ଶନ: ନୋମାଡିକ ଆଗ୍ରିକଲ୍ଚର, ସ୍ମାର୍ଟ ଡେରି ଓ Cattle-ID ବା ଗୋ ଆଧାର କାର୍ଡ ପ୍ରଣାଳୀ

ଏହି ସଭାର ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ର ଉପକୁଳପତି ପ୍ରଫେସର ପ୍ରଭାତ କୁମାର ରାଉଳ କହିଥିଲେ ଯେ, ଓଡ଼ିଶାର ଗୋପାଳନ ବା ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ବିକାଶ ପାଇଁ ପରମ୍ପରାଗତ ଧାରଣାକୁ ଅଟକାଇ ରଖି ହେବ ନାହିଁ, 
ରାଜ୍ୟକୁ ଏବେ ସମୟୋଚିତ ଭାବରେ ନୂଆ ମଡେଲ୍ ଗ୍ରହଣ କରିବାକୁ ହେବ।

ତାଙ୍କର ମୂଳ ପ୍ରସ୍ତାବଗୁଡ଼ିକ ହେଉଛି—

🔹 1. ନୋମାଡିକ ଆଗ୍ରିକଲ୍ଚରର ବିକାଶ

ଓଡ଼ିଶାର ଅନେକ ଅଞ୍ଚଳରେ ଚାରିପାଖରେ ମାଟି-ଜଳ ଭିତ୍ତିକ ପରିବେଶ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାର;
ତେଣୁ ଆଞ୍ଚଳିକ ଭିତ୍ତିରେ ଗୋପାଳନ ପ୍ରଣାଳୀ ରାଜ୍ୟରେ ସଫଳ ହେବା ଭଳି ଆଶା ଅଛି।

🔹 2. ସ୍ମାର୍ଟ ଡେରି ଫାର୍ମିଙ୍ଗ — ନୂଆ ଉତ୍ପାଦକତାର ପର୍ଯ୍ୟାୟ

ସେ ଜୋର ଦେଲେ ଯେ ଡେରି ଫାର୍ମଗୁଡ଼ିକୁ ସ୍ମାର୍ଟ ଯନ୍ତ୍ରପାତି, ଡାଟା-ମନିଟରିଂ, ପୋଷଣ ଓ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ଆଧାରିତ ଡିଜିଟାଲ୍ ଆନାଲିଟିକ୍ସ ସହିତ ଯୋଡ଼ିବାକୁ ହେବ।

🔹 3. ଆଧାର ସଦୃଶ Cattle Identification System ବା ଗୋ ଆଧାର କାର୍ଡ ପ୍ରଚଳନ 

ଏହା OUAT ପକ୍ଷରୁ ଏକ ଦୂରଦୃଷ୍ଟିମାନ ପ୍ରସ୍ତାବ।
ଗାଈ ପ୍ରତିଟିଙ୍କୁ ଏକ ଇଉନିକ୍ ନମ୍ବରିଂ କରାଗଲେ—

ବଂଶ ସୁରକ୍ଷା

ଟିକାକରଣ

ଉତ୍ପାଦନ ମୂଲ୍ୟାଙ୍କନ

ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ଓ ବଜାର ବ୍ୟବସ୍ଥାପନ


ସବୁକିଛି ସରଳ ଏବଂ ବିଜ୍ଞାନଭିତ୍ତିକ ହେବ।

🔹 4. ଦେଶୀ ଗୋ-ଉତ୍ପାଦର GI Taging ଜି ଆଇ ଟ୍ୟାଗୀଙ୍ଗ 

ଓଡ଼ିଶାର ଦେଶୀ ବଂଶ ଗାଈର ଘିଅ, ପନୀର, ଛେନା, ଦୁଧର ପୋଷଣ ଗୁଣ ଅପରିମିତ।
ତାହାକୁ GI Tag ଜି ଆଇ ଟ୍ୟାଗ ଦ୍ୱାରା ବିଶ୍ୱବଜାରରେ ଆଣିଲେ ଓଡ଼ିଶାର ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ଉଦ୍ୟମୀକରଣରେ ବିପ୍ଳବ ଆସିପାରେ।

ଦେଶୀ ବଂଶ ସୁରକ୍ଷା ଓ A2 ଏ 2 ଦୁଧ: ସ୍ୱାବଳମ୍ବୀ ଭାରତ ଅଭିଯାନର ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଦିଗ 

ଅତିଥି ଅଫ୍ ଅନର୍ ଶ୍ରୀ ସାରଦା ସତପଥୀ, କୋଅର୍ଡିନେଟର, East Zone, Swavalambi Bharat Abhiyan, ପୂର୍ବ ଜୋନ଼୍ ସ୍ୱାବଲମ୍ବୀ ଭାରତ ଅଭିଯାନ ଦେଶୀ ବଂଶ ହେଉଛି ରାଜ୍ୟର ପରମ୍ପରା, ପରିବେଶ ଓ ଅର୍ଥନୀତିର ମୂଳ ଧାରା—ବୋଲି ଉଲ୍ଲେଖ କରିଥିଲେ।

ସେ ତିନିଟି ପ୍ରମୁଖ ନିଷ୍କର୍ଷ ଦେଇଥିଲେ—

1. ଦେଶୀ ବଂଶ ସୁରକ୍ଷା — ଏକ ସାମୂହିକ ଦାୟିତ୍ୱ

ବିଦେଶୀ ବଂଶରୁ ଅଧିକ ପୋଷଣ ଓ ଔଷଧିୟ ଗୁଣ ଥିବା ଦେଶୀ ବଂଶ ଗୋମାତା ହେଉଛନ୍ତି ଓଡ଼ିଶାର ଗର୍ବ।
ଏହାକୁ ଗ୍ରାମୀଣ ଭିତ୍ତିରେ ସୁରକ୍ଷା କରିବାର ଆବଶ୍ୟକତାକୁ ସେ ଉପସ୍ଥାପନ କରିଥିଲେ ।

2. A2 ଦୁଧ ପାଇଁ ବିସ୍ତୃତ ବ୍ରାଣ୍ଡିଂ
 
ବିଶ୍ୱବଜାରରେ A2 ଦୁଧର ଚାହିଦା ଅପୁର୍ବ ଭାବେ ବଢ଼ୁଛି।

ଓଡ଼ିଶା ଏହାର ସହଜ ଉତ୍ପାଦକ ହେବାର ସମ୍ଭାବନା ଅଛି।

3. Cow-dung Entrepreneurship — ଗାଈ ଗୋବର ଉଦ୍ୟୋଗ ଯୁବମାନଙ୍କ ପାଇଁ ନୂଆ ରୋଜଗାରର ଉତ୍ସ

ଗୋବରରୁ—

ବିକଳ୍ପ ଇଂଜିନିଅରିଂ ଇନ୍ଧନ 

ବାଇଓ-ଫର୍ଟିଲାଇଜର

ବାଇଓ-ପେଣ୍ଟ

ପ୍ଲେଟ୍, ଟାଇଲ୍, ଧୂପ

ସଲିଡ୍ ୱେଷ୍ଟ ମ୍ୟାନେଜମେଣ୍ଟ


ଇତ୍ୟାଦି ପ୍ରସ୍ତୁତିରେ ଯୁବମାନେ ନିଜ ରୋଜଗାର ସୃଷ୍ଟି କରିପାରିବେ।


 ମତ୍ସ୍ୟ ଓ ପ୍ରାଣୀ ସମ୍ପଦ ବିକାଶ ବିଭାଗର ଭବିଷ୍ୟତ ଲକ୍ଷ୍ୟ: “ନୂଆ ଆନନ୍ଦ ମୋଡେଲ୍” ଭାବେ ଓଡ଼ିଶା

ମତ୍ସ୍ୟ ଓ ପ୍ରାଣୀ ସମ୍ପଦ ବିକାଶ ବିଭାଗର ପକ୍ଷରୁ ଶ୍ରୀ ବାଦଲ କୁମାର ମହାନ୍ତି, ମାନ୍ୟବର ମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଅତିରିକ୍ତ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ଏବଂ ପିଏସ୍ ଏକ ଆକର୍ଷଣୀୟ ଏବଂ ଯୋଗାଯୋଗମୁଖୀ ଭବିଷ୍ୟତ ମାନଚିତ୍ର ଉପସ୍ଥାପନ କଲେ।

ତାଙ୍କର ମୁଖ୍ୟ ମନ୍ତବ୍ୟ ହେଉଛି—

🔹 2047 ମସିହା — ପ୍ରତିଦିନ 6000 ମେଟ୍ରିକ୍ ଟନ ଦୁଧ ଉତ୍ପାଦନ

ଏହା ରାଜ୍ୟ ପାଇଁ ଏକ ଐତିହାସିକ ଟାର୍ଗେଟ।
ଏହା ପୂରଣ ପାଇଁ—

ନୂଆ ଡେରି ପ୍ରସ୍ତୁତିକରଣ କେନ୍ଦ୍ର

କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ କମ୍ପାନୀ ଦ୍ଵାରା -ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ ଦୁଗ୍ଧ ସଂଗ୍ରହଣ କେନ୍ଦ୍ର 

ପଶୁପାଳନ କ୍ଷେତ୍ର ପାଇଁ ସୁବସିଡି

ଡିଜିଟାଲ୍ ଟ୍ରାକିଙ୍ଗ


ଆବଶ୍ୟକ।

🔹 ରାଜ୍ୟକୁ “ନୂଆ ଆନନ୍ଦ ମୋଡେଲ୍” ଭାବେ ପରିଚିତ କରିବା

ଗୁଜରାଟର ଆମୁଲ୍ ମଡେଲ୍ ଭଳି ଓଡ଼ିଶାରେ ମଧ୍ୟ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଙ୍ଗଠନ - ଆଧାରିତ ବ୍ୟବସ୍ଥାପନ ଗଠିତ ହେଲେ—

ଚାଷୀଙ୍କ ଆୟ ବଢ଼ିବ

ବିକେନ୍ଦ୍ରୀକୃତ ଖରୀଦ ଓ ବିକ୍ରୟ

ସ୍ଥାନୀୟ ବ୍ରାଣ୍ଡ ସ୍ରୁଷ୍ଟି କରିବା ଓ ଶକ୍ତିଶାଳୀ କରିବା 

ରାଜ୍ୟ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ରେ ଶକ୍ତିକେନ୍ଦ୍ର ହେବ


ଏସବୁ ସଫଳତାର ସହଜ ପଥ ହେବ।


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ବିଶେଷଜ୍ଞମାନଙ୍କ ସମିକ୍ଷା: ଦେଶୀ ଉତ୍ପାଦକୁ ଜାତୀୟ ଓ ଆନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ବଜାରରେ ସ୍ଥାନ ଦେବାର ଆବଶ୍ୟକତା ଅଛି 

OUATର Dean, Extension Education ପ୍ରଫେସର ପି. ଜେ. ମିଶ୍ର ଉଲ୍ଲେଖ କଲେ ଯେ ଦେଶୀ ଗୋବଂଶର ଦୁଧ ଓ ଦୁଗ୍ଧୋତ୍ପାଦର ଚାହିଦା ବଜାରରେ ବିପୁଳ ଅଛି।

ସେ ତାଳିକାକୃତ ଭାବେ ଏହି ୪ଟି ଖାସ ଦିଗ ଉଠାଇଲେ—

1. ଦେଶୀ ଘିଅ, ପନୀର, ଛେନା, ପ୍ରସାଦ ଜାତିୟ ଉତ୍ପାଦର ନିଶ୍ଚିତ ମାର୍କେଟିଂ


2. ଦେଶୀ ବଂଶ କେନ୍ଦ୍ରିକ ଯୋଜନାର ଆବଶ୍ୟକତା


3. ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନରେ ଯୁବ ଉଦ୍ୟମୀମାନଙ୍କ ପ୍ରବେଶ ପାଇଁ ସହଜ ଲୋନ୍ ଓ ସବସିଡି ବ୍ୟବସ୍ଥା 


4. କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ମାନଙ୍କୁ ଦୁଗ୍ଧଜାତ ସାମଗ୍ରୀ ଓ ଗୋଖାଦ୍ୟ ପ୍ରସ୍ତୁତିକରଣ ଯନ୍ତ୍ରପାତି ପାଇଁ ଅର୍ଥ ସହାୟତା
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କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ପ୍ରତିନିଧି, ବେସରକାରୀ କମ୍ପାନୀ, ଅର୍ଥ ସଂସ୍ଥା ଓ ବିଶେଷଜ୍ଞମାନେ ମିଶି ଦୁଇଟି ପ୍ୟାନେଲ୍ ଚର୍ଚ୍ଚାରେ ନିମ୍ନମତ ଭାବରେ ସୁପାରିଶ ଦେଇଥିଲେ:

🔸 ଦେଶୀ ଦୁଧ ପାଇଁ  ଏମ୍ ଏସ୍ ପି 

ଏହା ଚାଷୀଙ୍କ ଆୟ ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିବ।

🔸 ଦେଶୀ ବଂଶର ରକ୍ଷା ପାଇଁ ମାସିକ ଭତ୍ତା

ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶ ରଖିବା ଚାଷୀଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ପ୍ରୋତ୍ସାହନ।

🔸 ଗୋରୋଗ ଓ ଟିକାକରଣରେ ଯାନ୍ତ୍ରିକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ

ଭ୍ରମଣଶୀଳ ଭେଟ୍ ଟିମ୍, ମୋବାଇଲ୍ ହେଲଥ୍ ୟୁନିଟ୍, ଡିଜିଟାଲ ହେଲଥ୍ ମନିଟରିଂ ଆଦି।

🔸 ଗୋରୁ ଖାଦ୍ୟ ପାଇଁ ଚାରା ଚାଷର ବ୍ୟାପକ ବିକାଶ

ଓଡ଼ିଶାରେ ସାରା ବର୍ଷ ଗ୍ରୀନ୍ ଫୋଡର୍ ବା ସବୁଜ ଘାସ ଉପଲବ୍ଧ କରିବା।

🔸 ଗୋବର ଏବଂ ଗୋମୂତ୍ର ବଜାର ବିକାଶ
ବାଇଓ-ଫର୍ଟିଲାଇଜର, ବାଇଓ-ଏନର୍ଜି, ମଶା ନିବାରଣ, ଧୂପ, ପେଣ୍ଟ ଇତ୍ୟାଦି।

🔸 ବଳଦ ଆଧାରିତ କୃଷିର ପୁନରୁଦ୍ଧାର

ଜୈବିକ କୃଷି ପାଇଁ ଏହି ପ୍ରଣାଳୀ ପୁନଃଜୀବନ ପାଇବ ।

ସଭାର ଉପସମାପନ: ଏକ ନୂଆ ଯୁଗର ଶୁଭାରମ୍ଭ

ସଭାର ଶେଷରେ ଗୋଟିଏ ସମାନ ମତ ଉପସ୍ଥାପିତ ହେଲା—

“ଓଡ଼ିଶାର ଡେରି ବିକାଶ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ମାଧ୍ୟମରେ—
ଦେଶୀ ଗୋବଂଶ ଆଧାରିତ ଏକ ଗୌରବମୟ ଓ ସ୍ଥିର ଭବିଷ୍ୟତ।”

ସରକାର-ବେସରକାରୀ ସଂସ୍ଥାମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସହଯୋଗ, ଓଡ଼ିଶା କୃଷି ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ (OUAT ଭଳି ଶିକ୍ଷାନୁଷ୍ଠାନଙ୍କ ଗବେଷଣା ଜ୍ଞାନ, ନାବାର୍ଡ-ନାଫେଡ୍-ଏପିକଲ୍ ଭଳି ସଂସ୍ଥାମାନଙ୍କ ଅର୍ଥ ଓ ବଜାର ସହାୟତା ଓ କୃଷକ ଉତ୍ପାଦକ ସଂଗଠନ ମାନଙ୍କ ତଳସ୍ତରୀୟ ଯୋଜନା ମିଶିଲେ ଓଡ଼ିଶା ଆଗାମୀ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଦେଶର ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ନୀତିର ଇତିହାସ ପୁନଃଲେଖନ କରିପାରିବ।

ସମ୍ମିଳନ ଏକ ନୂଆ ବାଣୀ ଦେଇ ଶେଷ ହେଲା—
“ଦେଶୀ ଗୋ ବଂଶ , ଦେଶୀ ଦୁଧ ଓ ଦେଶୀ ଉଦ୍ୟମ — ଓଡ଼ିଶାର ଗୋପାଳନ ଓ ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ ଉନ୍ନତିର ତ୍ରିମୂର୍ତ୍ତି।”

Thursday, November 20, 2025

ପୁଣି ତେଜିଲା ଜେନ୍-ଜି ଆନ୍ଦୋଳନଅନେକ ସହରରେ କର୍ଫ୍ୟୁ; ବିକ୍ଷୋଭରେ ଏକାଧିକ ଆହତ

ଅନେକ ସହରରେ କର୍ଫ୍ୟୁ; ବିକ୍ଷୋଭରେ ଏକାଧିକ ଆହତ

କାଠମାଣ୍ଡୁ, ୨୦/୧୧: ନେପାଳରେ ପୁଣି ଜେନ-ଜି ଆନ୍ଦୋଳନ ତେଜିଛି। ଦେଶର କିଛି ସ୍ଥାନରେ କର୍ଫ୍ୟୁ ଜାରି ହୋଇଛି। ସେପ୍ଟେମ୍ବରରେ “ଜେନ-ଜି” ବିଦ୍ରୋହ ତତ୍କାଳୀନ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କେପି ଶର୍ମା ଓଲିଙ୍କ ସରକାରକୁ ଭାଙ୍ଗି ଦେଇଥିଲା। ଏହା ପରେ, ପୂର୍ବତନ ମୁଖ୍ୟ ବିଚାରପତି ସୁଶୀଳା କାର୍କିଙ୍କୁ କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନିଯୁକ୍ତ କରାଯାଇଥିଲା। କିନ୍ତୁ ବର୍ତ୍ତମାନ, ପୂର୍ବତନ ଶାସକ ଦଳର ସମର୍ଥକ ଏବଂ ଯୁବ ପ୍ରଦର୍ଶନକାରୀଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ପୁଣି ସଂଘର୍ଷ ହୋଇଛି।

ଜେନ ଜି ଗୋଷ୍ଠୀ ଏବଂ ପୂର୍ବତନ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କେପି ଶର୍ମା ଓଲିଙ୍କ ନେପାଳ କମ୍ୟୁନିଷ୍ଟ ପାର୍ଟି – ୟୁନିଫାଏଡ୍ ମାର୍କ୍ସବାଦୀ ଲେନିନିଷ୍ଟ (ସିପିଏନ-ୟୁଏମଏଲ) ସମର୍ଥକଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ବାରା ଜିଲ୍ଲାରେ ସିଧାସଳଖ ମୁହାଁମୁହିଁ ହେବା ପରେ ଏହି ପରିସ୍ଥିତି ସୃଷ୍ଟି ହୋଇଛି। ଏଥିରେ ୧୦ ରୁ ଅଧିକ ଆହତ ହୋଇଛନ୍ତି।

ସିମାରା ବିମାନବନ୍ଦର ନିକଟରେ ସଂଘର୍ଷ ବୃଦ୍ଧି ପାଇବାରୁ ପୋଲିସ ଲୁହବୁହା ଗ୍ୟାସ୍ ପ୍ରୟୋଗ କରିବା ସହ ବିମାନବନ୍ଦର ଏବଂ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ସ୍ଥାନ ନିକଟରେ କର୍ଫ୍ୟୁ ଜାରି କରିଛି। ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ଗୁରୁବାର (ସ୍ଥାନୀୟ ସମୟ) ରାତି ୮ଟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କର୍ଫ୍ୟୁ ଲଗାଇଛି। କାଠମାଣ୍ଡୁରୁ ବହୁ ଦୂରରେ ଥିବା ମାଡେସ୍ ପ୍ରଦେଶରେ ପ୍ରବଳ ବିରୋଧ ପ୍ରଦର୍ଶନ ଚାଲିଛି। ତେବେ କାଠମାଣ୍ଡୁରେ ଏବେ ପରିସ୍ଥିତି ସ୍ୱାଭାବିକ ରହିଛି।

ନେପାଳର କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ସୁଶୀଳା କାର୍କି ଜେନ-ଜି ପ୍ରତିବାଦକାରୀଙ୍କୁ ଶାନ୍ତି ପାଇଁ ନିବେଦନ କରିଛନ୍ତି। ସୁଶୀଳା ୨୦୨୬ ମାର୍ଚ୍ଚ ୫ ରେ ନିର୍ବାଚନ ପୂର୍ବରୁ ରାଜନୈତିକ ଉତ୍ତେଜନା ସୃଷ୍ଟି ନ କରିବାକୁ ଆହ୍ବାନ କରିଛନ୍ତି।

ବିହାରରେ ଆଜିଠୁ ପୁଣି ନୀତିଶ ଯୁଗ: ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ନେଲେ ଶପଥ

୨୦ ବର୍ଷରେ ୧୦ ଥର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ

ପାଟନା, ୨୦/୧୧: ଦେଶରେ ସବୁବେଳେ ଯଦି କେଉଁ ରାଜ୍ୟର ରାଜନୀତି ଚର୍ଚ୍ଚାରେ ଥାଏ, ତାହାଲେ ସେ ହେଉଛି ବିହାର। ଆଉ ସବୁଠୁ ବେଶୀ ଚର୍ଚ୍ଚାରେ ଥାଆନ୍ତି ବିହାର ରାଜନୀତିର ପ୍ରମୁଖ ଚେହେରା ନୀତିଶ କୁମାର। ଯାହାଙ୍କୁ ପଲଟୁରାମ ବୋଲି କୁହାଯାଏ। ସେ ଏଦଳରୁ ସେ ଦଳକୁ ଡେଇଁ ସବୁବେଳେ ନିଜ ପଥ ପରିଷ୍କାର କରି ଚାଲନ୍ତି। ଯଦିଓ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ପଦ ମଧ୍ୟ ନିଜ ପାଖରେ ବଜାୟ ରଖିଥାନ୍ତି।

ଆଜି ନୀତିଶ କୁମାର ଦଶମ ଥର ପାଇଁ ବିହାରର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ଶପଥ ନେଇଛନ୍ତି। ସେ କେବଳ ବିହାରରୁ ନୁହେଁ ବରଂ ସମଗ୍ର ଦେଶରୁ ପ୍ରଥମ ନେତା ଯିଏ ଦଶମ ଥର ପାଇଁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ଶପଥ ନେଇଛନ୍ତି। ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦି, ଗୃହ ମନ୍ତ୍ରୀ ଅମିତ୍ ଶାହ, ବିଜେପି ରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ଜେପି ନଡ୍ଡା ଓ ଏନଡିଏ ଶାସିତ ରାଜ୍ୟର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଓ ଉପମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଉପସ୍ଥିତିରେ ଶପଥ ନେଇଛନ୍ତି ନୀତିଶ। ଏଥି ସହ ତାଙ୍କ ମନ୍ତ୍ରୀପରିଷଦର ଅନ୍ୟ ସଦସ୍ୟମାନେ ବି ଶପଥ ନେଇଛନ୍ତି।

ତେବେ ନୀତିଶ ୧୦ ଥର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ଶପଥ ନେବା କେବଳ ତାଙ୍କ ବାରମ୍ବାର ଦଳ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଯୋଗୁଁ ହିଁ ହୋଇ ପାରିଛି।

ନୀତିଶ କୁମାର ଗତ ୧୦ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଦୁଇଥର RJD ସହିତ ସରକାର ଗଠନ କରିଛନ୍ତି ଏବଂ ତା’ପରେ NDA କୁ ମଧ୍ୟ ଫେରିଛନ୍ତି। କିନ୍ତୁ ମୁଖ୍ୟ କଥା ହେଉଛି ନୀତିଶ କୁମାର ଯେଉଁ ଦଳ ସହ ମେଣ୍ଟ କରନ୍ତି, ସେହି ମେଣ୍ଟ ଦ୍ୱାରା ହିଁ ସରକାର ଗଠିତ ହୁଏ ଏବଂ କେବଳ ନୀତିଶ କୁମାର ହିଁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ଶପଥ ଗ୍ରହଣ କରନ୍ତି।

 

ଏଇଠୁ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିଲା ବିହାର ରାଜନୀତିରେ ନୀତିଶଙ୍କ ଦବଦବାର ଯାତ୍ରା:-

୨୦୦୫ରେ ନୀତିଶ କୁମାର ଲାଲୁ ପରିବାରର ଶାସନ ସମାପ୍ତ କରିଥିଲେ। ନୀତିଶ କୁମାରଙ୍କ ଦଳ, ଜେଡିୟୁ ଏବଂ ବିଜେପି ମେଣ୍ଟ କରିଥିଲେ। ନିର୍ବାଚନରେ ଲାଲୁଙ୍କ ଦଳ ୫୪ ଆସନ ପାଇଥିଲା। ଜେଡିୟୁ ୮୮, ବିଜେପି ୫୫, ଆରଜେଡି ୫୪ ଏବଂ କଂଗ୍ରେସ ୯ ଆସନ ଜିତିଥିଲା। ନୀତିଶଙ୍କ ଦଳ ସର୍ବାଧିକ ଆସନ ପାଇଥିବାରୁ, ତାଙ୍କୁ ସରକାର ନେତୃତ୍ୱ ଦେବାରେ କେହି ଆପତ୍ତି କରିନଥିଲେ।

ତା’ପରେ ୨୦୧୦ ବିଧାନସଭା ନିର୍ବାଚନରେ ନୀତିଶ କୁମାର ଏବଂ ବିଜେପି ପୁଣି ଥରେ ଏକାଠି ନିର୍ବାଚନ ଲଢ଼ିଥିଲେ। RJDକୁ ପରାସ୍ତ କରିଥିଲେ। ନିର୍ବାଚନରେ, JDU ୧୧୫ ଆସନ, BJP ୯୧, RJD ୨୨ ଏବଂ କଂଗ୍ରେସ ୪ଟି ଆସନ ଜିତିଥିଲା। ଏଥର, BJP ନୀତିଶ କୁମାରଙ୍କୁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କରିବାକୁ ରାଜି ହୋଇଥିଲା। ନୀତିଶ କୁମାର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ଶପଥ ନେଇଥିଲେ ଏବଂ ବିହାରର ସରକାରର ମୁଖ୍ୟ ହୋଇଥିଲେ।

କିନ୍ତୁ ୨୦୧୪ ଲୋକସଭା ନିର୍ବାଚନ ପୂର୍ବରୁ, ନୀତିଶ ଏବଂ ବିଜେପି ମଧ୍ୟରେ ଫାଟ ସୃଷ୍ଟି ହୋଇଥିଲା ଏବଂ ତାଙ୍କ ଦଳ ଏକାକୀ ନିର୍ବାଚନ ଲଢ଼ିଥିଲା। ତାଙ୍କ ଦଳ, ଜେଡିୟୁ, ଲୋକସଭା ନିର୍ବାଚନରେ ଏକ ବଡ଼ ପରାଜୟ ବରଣ କରିଥିଲା, ବିହାରରେ କେବଳ ଦୁଇଟି ଆସନ ଜିତିଥିଲା। ଏହି ସମୟରେ ବିଜେପି ୩୧ଟିରେ ବିଜୟୀ ହୋଇଥିଲା। ଏହା ପରେ, ନୀତିଶ କୁମାର ଦଳର ପରାଜୟର ଦାୟିତ୍ୱ ନେଇ ଇସ୍ତଫା ଦେଇଥିଲେ। ତା’ପରେ ସେ ମୁସାହର ସମ୍ପ୍ରଦାୟର ଜଣେ ବିଶ୍ୱସ୍ତ ନେତା ଜିତନ ରାମ ମାଞ୍ଝିଙ୍କୁ ବିହାରର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ନିଯୁକ୍ତ କରିଥିଲେ। ତଥାପି, ମାଞ୍ଝି ୨୦ ମଇ ୨୦୧୪ ରୁ ୨୦ ଫେବୃଆରୀ ୨୦୧୫ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ମାତ୍ର ନଅ ମାସ ପାଇଁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ରହିଥିଲେ। ନୀତିଶ କୁମାର ତାଙ୍କ ସ୍ଥାନ ନେଇଥିଲେ ଏବଂ ପୁଣି ଥରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ହୋଇଥିଲେ।

କିନ୍ତୁ, ଯେତେବେଳେ ୨୦୧୫ ନିର୍ବାଚନ ଆସିଲା, ନୀତିଶ କୁମାର ବିଜେପିକୁ ଫେରି ନଥିଲେ। ଏଥର, ନୀତିଶ କୁମାରଙ୍କ ଦଳ ଏହାର ଚିର ପ୍ରତିଦ୍ୱନ୍ଦ୍ୱୀ, RJD ସହିତ ଏକ ମେଣ୍ଟ ଗଠନ କରିଥିଲା। ନିର୍ବାଚନ ଫଳାଫଳ ବିଜେପି ମାତ୍ର ୫୩ ଆସନରେ ଜିତିଥିଲା। ଏହି ସମୟରେ, JDU ୭୧, RJD ୮୦ ଏବଂ କଂଗ୍ରେସ ୨୭ ଆସନ ଜିତିଥିଲା। ନୀତିଶ କୁମାର ପୁଣି ଥରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ଶପଥ ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ ଏବଂ ବିହାର ସରକାରଙ୍କ ମୁଖ୍ୟ ହୋଇଥିଲେ। ତଥାପି, RJD ସହିତ ତାଙ୍କର ସରକାର ମାତ୍ର ଦୁଇ ବର୍ଷ ଚାଲିଥିଲା, ଏବଂ ନୀତିଶ କୁମାର ବିଜେପିକୁ ଫେରି ଆସିଥିଲେ। ୨୬ ଜୁଲାଇ, ୨୦୧୭ ରେ, ନୀତିଶ RJD ସହିତ ତାଙ୍କର ମେଣ୍ଟ ଭାଙ୍ଗି NDAରେ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ।

2020 ବିହାର ନିର୍ବାଚନରେ ବିଜେପି ଏବଂ JDU ପୁଣି ଥରେ ଏକାଠି ଲଢିଥିଲେ। ଏହି ବିଧାନସଭା ନିର୍ବାଚନରେ, ନୀତିଶଙ୍କ ଦଳ ୪୩ଟି ଆସନ, ବିଜେପି ୭୪ଟି, RJD ୭୫ଟି ଏବଂ କଂଗ୍ରେସ ୧୯ଟି ଆସନ ଜିତିଥିଲେ। NDA ପୁଣି ଥରେ ବହୁମତ ହାସଲ କରିଥିଲା। ନୀତିଶଙ୍କ ଆସନ ସଂଖ୍ୟା ଏଥର କହିଥିଲା। କିନ୍ତୁ ବିଜେପି ତାଙ୍କୁ ପୁଣି ଥରେ ନେତା ଭାବରେ ଗ୍ରହଣ କରିବାକୁ ରାଜି ହୋଇ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ପଦ ଦେଇଥିଲା।

ଏଥର ମଧ୍ୟ ବିଜେପି ସହିତ ନୀତିଶ କୁମାରଙ୍କ ମେଣ୍ଟ ଅଧିକ ଦିନ ତିଷ୍ଠି ପାରିଲା ନାହିଁ। ଦୁଇ ବର୍ଷ ପରେ, ସେ ପୁଣି ଥରେ ତାଙ୍କ ମତ ବଦଳାଇଲେ। ଅଗଷ୍ଟ ୨୦୨୨ରେ ନୀତିଶ କୁମାର NDA ସହିତ ସମ୍ପର୍କ ଭାଙ୍ଗି RJD ସହିତ ସରକାର ଗଠନ କରିଥିଲେ। ଏଥର ନୀତିଶ କୁମାର ୮ମ ଥର ପାଇଁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ଶପଥ ନେଇଥିଲେ ଏବଂ ବିହାର ସରକାରଙ୍କ ନେତା ହୋଇଥିଲେ। କିନ୍ତୁ ଏଥର, RJD ସହିତ ତାଙ୍କର ସରକାର ଦୁଇ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟ ତିଷ୍ଠି ପାରିଲା ନାହିଁ ଏବଂ ସେ ଜାନୁଆରୀ ୨୦୨୪ ରେ ପୁଣି ଥରେ ମେଣ୍ଟ ଭାଙ୍ଗି ଦେଇଥିଲେ। ନୀତିଶ କୁମାର ପୁଣି ଥରେ NDAରେ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ ଏବଂ ବିଜେପି ସହିତ ସରକାର ଗଠନ କରିଥିଲେ। ନୀତିଶ କୁମାର ଏବେ ୯ମ ଥର ପାଇଁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ଶପଥ ନେଇଥିଲେ। ସେବେଠାରୁ ନୀତିଶ କୁମାର ବିଜେପି ସହିତ NDA ମେଣ୍ଟରେ ଅଛନ୍ତି।

୨୦୨୫ ବିହାର ବିଧାନସଭା ନିର୍ବାଚନରେ ମଧ୍ୟ ବିଜେପି ଏବଂ ନୀତିଶ କୁମାର ମେଣ୍ଟ ଅସାଧାରଣ ଭାବରେ ଭଲ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିଥିଲା। ନୀତିଶ କୁମାରଙ୍କ ଦଳ ଜେଡିୟୁ ୮୫ଟି, ବିଜେପି ୮୯ଟି, ଆରଜେଡି ୨୫ଟି ଏବଂ କଂଗ୍ରେସ ୬ଟି ଆସନ ପାଇଥିଲା। ନୀତିଶ କୁମାର ଏବେ ଦଶମ ଥର ପାଇଁ ଶପଥ ନେଇଛନ୍ତି ଏବଂ ବିହାର ରାଜନୀତିରେ ନିଜକୁ ସବୁଠାରୁ ଶକ୍ତିଶାଳୀ ବ୍ୟକ୍ତିତ୍ୱ ବୋଲି ପ୍ରମାଣିତ କରିଛନ୍ତି।

ବିହାର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ଶପଥ ନେବେ ନୀତିଶ

କ୍ୟାବିନେଟରେ ରହିବେ ଦିଲୀପ ଜୟସୱାଲ

ଶପଥ ନେବାକୁ ଥିବା ମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ତାଲିକା ପ୍ରକାଶ

ପାଟନା, ୨୦/୧୧: ଗୁରୁବାର ବିହାର ବିଧାନସଭା ନିର୍ବାଚନରେ ଏନଡିଏ ବହୁମତ ହାସଲ କରିବା ପରେ ନୀତିଶ କୁମାର ଦଶମ ଥର ପାଇଁ ଶପଥ ଗ୍ରହଣ କରି ଇତିହାସ ରଚିବେ। ଏହି ଶପଥ ଗ୍ରହଣ ଉତ୍ସବରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦି, କେନ୍ଦ୍ର ମନ୍ତ୍ରୀ, ବିଜେପି ଶାସିତ ରାଜ୍ୟଗୁଡ଼ିକର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଏବଂ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ପ୍ରମୁଖ ବ୍ୟକ୍ତିମାନେ ଯୋଗଦେବେ।

ବିଜେପି ଏକକ ବୃହତ ଦଳ ଭାବରେ ଉଭା ହେବା ପରେ, ରାଜ୍ୟ ବିଜେପିର ସଭାପତି ଦିଲୀପ ଜୟସୱାଲଙ୍କ ସମେତ ୧୪ ଜଣ ମନ୍ତ୍ରୀ ଆଜି ଶପଥ ଗ୍ରହଣ କରିବେ।

ଏହି ୧୪ ନେତା ହେଉଛନ୍ତି ଉପମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ସମ୍ରାଟ ଚୌଧୁରୀ ଏବଂ ବିଜୟ କୁମାର ସିହ୍ନା; ମଙ୍ଗଲ ପାଣ୍ଡେ, ଦିଲୀପ ଜୈସୱାଲ, ନିତିନ ନବୀନ, ରାମକ୍ରିପାଲ ଯାଦବ, ସଞ୍ଜୟ ସିଂ ‘ଟାଇଗର’, ଅରୁଣ ଶଙ୍କର ପ୍ରସାଦ, ସୁରେନ୍ଦ୍ର ମେହେଟ୍ଟା, ନାରାୟଣ ପ୍ରସାଦ, ରାମା ନିଶାଦ, ଲକ୍ଷେନ୍ଦ୍ର ପାସୱାନ, ଶ୍ରେୟସୀ ସିଂ, ଏବଂ ପ୍ରମୋଦ କୁମାର ଚନ୍ଦ୍ରଭାନ୍ସି।

ଜନତା ଦଳ (ୟୁନାଇଟେଡ୍)ର ଆଠ ଜଣ ନେତା ଆଜି ମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ଶପଥ ନେବେ। ଲୋକ ଜନଶକ୍ତି ପାର୍ଟି (ରାମ ବିଳାସ)ର ୨ ଜଣ, ହିନ୍ଦୁସ୍ତାନୀ ଆୱାମ ମୋର୍ଚ୍ଚା ଏବଂ ରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ଲୋକ ମୋର୍ଚ୍ଚାର ଜଣେ ଲେଖାଏଁ ନେତା ମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ଶପଥ ନେବେ।

ଆଠ ଜଣ ଜେଡି (ୟୁ) ନେତା ହେଉଛନ୍ତି ବିଜୟ କୁମାର ଚୌଧୁରୀ, ଶ୍ରାବଣ କୁମାର, ବିଜୟନ୍ଦ୍ର ଯାଦବ, ଅଶୋକ ଚୌଧୁରୀ, ଲେଶି ସିଂ, ଜାମା ଖାନ, ଏବଂ ମଦନ ସାହନି। HAM ଦଳର ମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବରେ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ସୁମନ ଶପଥ ନେବେ। ଏଲଜେପିରୁ, ସଞ୍ଜୟ କୁମାର (ପାସୱାନ) ଏବଂ ମହୁଆରୁ ସଞ୍ଜୟ ସିଂହ ଶପଥ ନେବେ। 

as CM for the record 10th time at Patna's Gandhi Maidan; PM Modi to attend the event

Bihar: Nitish Kumar to take oath as CM for the record 10th time at Patna's Gandhi Maidan; PM Modi to attend the event

Nitish Kumar is set to take oath as CM for the tenth time (File photo)
Patna gears up for a significant political event as Nitish Kumar is set to be sworn in as chief minister for a record tenth time. Following his resignation, the NDA alliance has elected him leader, and he will stake his claim to form the new government.
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NEW DELHI: Patna is set to witness a major political show of strength on Thursday, with JD(U) chief Nitish Kumar scheduled to take oath as chief minister for a record 10th time at the historic Gandhi Maidan.

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He resigned on Wednesday as head of the outgoing NDA government.
Governor Arif Mohammad Khan accepted his resignation on Wednesday and asked him to continue as caretaker CM until the new government is sworn in.
MLAs of the LJP (RV), HAM and RLM also supported the proposal, JD(U) minister Shrawon Kumar said.
Soon after his election as NDA leader, Kumar visited Raj Bhavan with senior alliance leaders, including Union minister Chirag Paswan, RLM chief Upendra Kushwaha and Uttar Pradesh Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya, to submit his resignation and stake claim to form the new government. He is expected to hand over a formal letter of support from all NDA constituents to the governor before the oath ceremony.

Several top leaders of the NDA are expected to attend the event at Gandhi Maidan, including Prime Minister Narendra Modi, Union home minister Amit Shah, defence minister Rajnath Singh, Union minister Dharmendra Pradhan and chief ministers of various states.

Hectic parley on ministerial berth

Consensus has also been reached among NDA partners on key positions. BJP’s Prem Kumar is likely to be the next Speaker of the assembly, while the post of Deputy Speaker is expected to go to the JD(U).

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Sources told news agency PTI the new Cabinet will feature five to six new faces from the two main constituents of the alliance, the BJP and the JD(U), along with representation for the smaller partners.

LJP (RV) is likely to get three berths in the new Cabinet, while HAM and RLM are expected to receive one berth each. Up to 16 ministers from the BJP and 14 from the JD(U), including Nitish Kumar, are likely to be sworn in.
From the JD(U) side, senior leaders such as Bijendra Prasad Yadav, Vijay Kumar Choudhary, Shrowan Kumar, Sunil Kumar, Lesi Singh, Sheila Mandal, Madan Sahni, Ratnesh Sada, Mohammad Zama Khan, Jayant Raj, Umesh Singh Kushwaha and Ashok Chowdhary are seen as strong contenders. Others in consideration include Rahul Kumar Singh, Sudhanshu Shekhar, Kaladhar Prasad Mandal and Panna Lal Singh Patel.
BJP sources indicated that most ministers from the outgoing Cabinet will continue in their roles. These include Samrat Choudhary, Prem Kumar, Mangal Pandey, Vijay Kumar Sinha, Nitish Mishra, Renu Devi, Jibesh Kumar, Neeraj Kumar Singh, Janak Ram, Hari Sahni, Kedar Prasad Gupta, Surendra Mehta, Santosh Kumar Singh, Sunil Kumar and Motil Lal Prasad. The party is also weighing three new additions, including former IPS officer Anand Mishra, Rana Randhir, Gayatri Devi and Vijay Kumar Khemka.

Nitish Kumar’s swearing-in today marks yet another turning point in Bihar politics as the NDA prepares to return to power with a fresh Cabinet and renewed equations among its partners.

Wednesday, November 19, 2025

ପିଏମ୍ କିଷାନ ସମ୍ମାନ ନିଧିର ୨୧ତମ କିସ୍ତି ପ୍ରଦାନ କଲେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ

ଦେଶର ୯ କୋଟିରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ବ ଚାଷୀ ପାଇଲେ ୧୮ ହଜାର କୋଟି ଟଙ୍କାରୁ ଅଧିକ ଟଙ୍କା, ଓଡିଶାର ୩୪ ଲକ୍ଷ ୧୨ ହଜାର କୃଷକ ସାମିଲ।

ରାଜ୍ୟ ସ୍ତରୀୟ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ କୃଷି ଭବନରେ ଉପସ୍ଥିତ ରହିଲେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ

ଭୁବନେଶ୍ୱର, ୧୯/୧୧: ଆମ ରାଜ୍ୟରେ କୃଷକଙ୍କ ସଶକ୍ତିକରଣ ଓ କଲ୍ୟାଣ ହେଉଛି ସରକାରଙ୍କ ମୁଖ୍ୟ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ। ରାଜ୍ୟର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ମୁଁ ଚାହେଁ ଯେ କୃଷକ ମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଉଦ୍ଦିଷ୍ଟ ସମସ୍ତ ଯୋଜନାର ସୁବିଧା ସୁଯୋଗ ରାଜ୍ୟର ସମସ୍ତ ଯୋଗ୍ୟ ଚାଷୀ ନିଶ୍ଚିତରୂପେ ପାଆନ୍ତୁ। କେହି ଜଣେ ବି ଯେପରି ଏଥିରୁ ବଞ୍ଚିତ ନହୁଅନ୍ତୁ ବୋଲି ଆଜି ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ମୋହନ ଚରଣ ମାଝୀ ୨୧ ତମ ପିଏମ୍ କିଷାନ ସମ୍ମାନ ନିଧି ପ୍ରଦାନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅବସରରେ ଭୁବନେଶ୍ବର କୃଷି ଭବନ ଠାରେ କୃଷକ ମାନଙ୍କୁ ଉଦ୍‌ବୋଧନ ଦେଇ କହିଛନ୍ତି।

ସୂଚନାଯୋଗ୍ୟ ଯେ, ତାମିଲନାଡୁର କୋଏମ୍ବାଟୁର୍‌ରୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ପିଏମ୍ କିଷାନ ସମ୍ମାନ ନିଧିର ୨୧ତମ କିସ୍ତି ପ୍ରଦାନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଶୁଭାରମ୍ଭ କରିଛନ୍ତି। ୨୧ତମ କିସ୍ତିରେ ଦେଶର ୯ କୋଟିରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ବ କୃଷକଙ୍କୁ ୧୮ ହଜାର କୋଟିରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ବଟଙ୍କା ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଛି। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସବୁ ରାଜ୍ୟର ଜିଲ୍ଲା, ବ୍ଲକ, ପଞ୍ଚାୟତ, ପ୍ୟାକ୍ସ ଓ ମଣ୍ଡିରେ ଆୟୋଜନ କରାଯାଇଛି। ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଏହି ଅବସରରେ ଦେଶର କୃଷକମାନଙ୍କୁ ଉଦ୍‌ବୋଧନ ଦେଇଛନ୍ତି।

ରାଜ୍ୟ ସ୍ତରୀୟ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଉପସ୍ଥିତ କୃଷକ ମାନଙ୍କୁ ଉଦ୍‌ବୋଧନ ଦେଇ କହିଥିଲେ ଯେ, କୃଷକ ମାନଙ୍କୁ ଆବଶ୍ୟକ ସମୟରେ ବିହନ, ସାର, କୀଟନାଶକ ଆଦି କିଣିବା ପାଇଁ କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ବାର୍ଷିକ ୩ଟି କିସ୍ତିରେ ୬ ହଜାର ଟଙ୍କାର ଆର୍ଥିକ ସହାୟତା ପ୍ରଦାନ କରୁଛନ୍ତି। ଆଜି ୨୧ତମ କିସ୍ତିରେ ଆମ ରାଜ୍ୟର ୩୪.୧୨ ଲକ୍ଷରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ବ କୃଷକ କିସ୍ତି ବାବଦକୁ ୨ ହଜାର ଟଙ୍କା ଲେଖାଏଁ ପାଇବେ। ଏହି ସହାୟତା ପ୍ରଦାନ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ସ୍ବଚ୍ଛତାର ସହ କରାଯାଉଛି ଏବଂ ଏଥିରେ କ୍ଷୁଦ୍ର, ମଧ୍ୟମ, ବୃହତ୍ତ ଓ ସହରାଞ୍ଚଳର ଭୂମିଧାରୀ ଚାଷୀମାନେ ଉପକୃତ ହେଉଛନ୍ତି। ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କର ଯୁଗାନ୍ତକାରୀ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ମାଧ୍ୟମରେ ଆଜି ଦେଶର ଚାଷୀ, ଗରିବ, ମହିଳା ସମସ୍ତେ ଉପକୃତ ହେଉଛନ୍ତି।

ସେ ପୁଣି କହିଥିଲେ ପିଏମ୍ କିଷାନ ସହିତ ଆମ ରାଜ୍ୟରେ ସିଏମ୍ କିଷାନ ଜରିଆରେ ୨ଟି କିସ୍ତିରେ ୪ ହଜାର ଟଙ୍କା ପ୍ରଦାନ କରାଯାଉଛି। ଚଳିତ ଆର୍ଥିକ ବର୍ଷରେ ସିଏମ କିଷାନ ଯୋଜନାରେ ୫୧.୫୪ ଲକ୍ଷ ଚାଷୀଙ୍କୁ ୨୯୯୧ ହଜାର କୋଟି ଟଙ୍କା ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଛି। ଏଥିରେ ୩୨୩୬ ଜଣ ପିଭିଟିଜି ଚାଷୀ ଏବଂ ୩୧,୬୯୫ ଜଣ ସହରାଞ୍ଚଳ ଚାଷୀ ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତ ଅଛନ୍ତି।

ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଆହୁରି କହିଥିଲେ, ସିଏମ କିଷାନ ଯୋଜନା ହିତାଧିକାରୀଙ୍କ ପିଲାମାନଙ୍କୁ ଉଚ୍ଚଶିକ୍ଷା ଏବଂ ବୈଷୟିକ ଶିକ୍ଷା ପାଇଁ କୃଷି ବିଦ୍ୟାନିଧି ଯୋଜନାରେ ଛାତ୍ରବୃତ୍ତି ପ୍ରଦାନ କରାଯାଉଛି। ଏହି ଯୋଜନାରେ ୨୦୨୪-୨୫ ଶିକ୍ଷା ବର୍ଷରେ ୧୩,୯୨୩ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ୫୩ କୋଟି ୬୭ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କାର ଛାତ୍ରବୃତ୍ତି ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଛି, ଯାହାକି ପୂର୍ବବର୍ଷ ତୁଳନାରେ ୫ ଗୁଣ ଅଧିକ।

ପିଏମ ଧନଧାନ୍ୟ କୃଷି ଯୋଜନା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଓଡିଶାର କନ୍ଧମାଳ, ମାଲକାନଗିରି, ସୁନ୍ଦରଗଡ ଏବଂ ନୂଆପଡା ଜିଲ୍ଲାକୁ ଚୟନ କରାଯାଇଥିବାରୁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ରାଜ୍ୟର କୃଷକ ମାନଙ୍କ ପକ୍ଷରୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ ଧନ୍ୟବାଦ ଜ୍ଞାପନ କରିଥିଲେ।

କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଉପସ୍ଥିତ ଖୋର୍ଦ୍ଧା ଜିଲ୍ଲା ବାଲିଅନ୍ତାର ଚାଷୀ ସୁବାଶ ଚନ୍ଦ୍ର ଦାସ, ବାଲିପଟଣାର ରୂପଶ୍ରୀ ସ୍ୱାଇଁ ଏବଂ ଜଟଣୀ କୁସୁମାଟିର କାର୍ତ୍ତିକ ପରିଡା ପିଏମ୍ କିଷାନ ଯୋଜନାର ସମସ୍ତ କିସ୍ତିର ସୁବିନିଯୋଗ କରି ଚାଷ କାର୍ଯ୍ୟରେ ସଫଳତା ପାଇଛନ୍ତି ବୋଲି ବର୍ଣ୍ଣନା କରିଥିଲେ। ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ସେମାନଙ୍କ ସହ କଥାହୋଇ ଫସଲ ବିବିଧିକରଣ ଜରିଆରେ ଧାନ ସହିତ ତେଲ ଜାତୀୟ ଫସଲ, ପନିପରିବା, ଫଳ ଚାଷ ଇତ୍ୟାଦି ଅର୍ଥକାରୀ ଫସଲ ଉତ୍ପାଦନ କରିବା ପାଇଁ ଉତ୍ସାହିତ କରିଥିଲେ । ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ଯେ, ରାଜ୍ୟର କୃଷକଙ୍କ ସଶକ୍ତିକରଣ ଓ ଉତ୍ପାଦନ ବୃଦ୍ଧିପାଇଁ ଆମ ସରକାର ସମସ୍ତ ସହଯୋଗ ଯୋଗାଇଦେବେ।

ଉପ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ତଥା କୃଷି ଓ କୃଷକ ସଶକ୍ତିକରଣ ମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ କନକ ବର୍ଦ୍ଧନ ସିଂଦେଓ କହିଥିଲେ ଯେ, ପିଏମ କିଷାନ ଓ ସିଏମ୍ କିଷାନ ଯୋଜନାରେ ଆମ ରାଜ୍ୟର ଚାଷୀ ଭାଇ ଭଉଣୀ ମାନେ ବାର୍ଷିକ ୧୦ ହଜାର ଟଙ୍କା ପାଉଛନ୍ତି। ଏହି ରାଶିକୁ ସଠିକ୍ ଭାବେ ଉପଯୋଗ କଲେ କୃଷି କାର୍ଯ୍ୟରେ ସଫଳତା ମିଳି ଅଭାବ ଦୂର ହେବ। କୃଷକ କଲ୍ୟାଣ ପାଇଁ ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କ ପକ୍ଷରୁ ବିଭିନ୍ନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଜାରି ରହିଛି। କେନ୍ଦ୍ର କୃଷି ମନ୍ତ୍ରୀ ମଧ୍ୟ ଓଡିଶା ସରକାରଙ୍କର କୃଷକ କଲ୍ୟାଣ କାର୍ଯ୍ୟକୁ ମଡେଲ ଭାବେ ଗ୍ରହଣ କରିବା ପାଇଁ କହିଛନ୍ତି।

ଓୟୁଏଟିର କୁଳପତି ପ୍ରଫେସର ଡକ୍ଟର ପ୍ରଭାତ ରାଉଳ କହିଥିଲେ ଯେ, କୃଷି ପାଇଁ ତିନୋଟି ସମ୍ବଳ ଆବଶ୍ୟକ। ଜମି, ଶ୍ରମ ଓ ପୁଞ୍ଜି। କୃଷକଙ୍କ ପାଖରେ ସବୁବେଳେ ଜମି ଓ ଶ୍ରମଥାଏ କିନ୍ତୁ ପୁଞ୍ଜି ନଥାଏ। ଏହାକୁ ହୃଦୟଙ୍ଗମ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଏହି ଯୋଜନା କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ କରିଛନ୍ତି। ପିଏମ୍ କିଷାନର ସହାୟତା ରାଶି ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ମାନସିକ ଓ ଆର୍ଥିକ କ୍ଷେତ୍ରରେ ସୁଦୃଢ କରୁଛି।

କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ କୃଷି ଓ କୃଷକ ସଶକ୍ତିକରଣ ବିଭାଗର ପ୍ରମୁଖ ଶାସନ ସଚିବ ଡ. ଅରବିନ୍ଦ ପାଢୀ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ସ୍ବାଗତ କରିଥିଲେ, ଖୋର୍ଦ୍ଧା ଜିଲ୍ଲାର ଚାଷୀ ଭାଇ ଭଉଣୀ ବହୁ ସଂଖ୍ୟାରେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ।

ନାଇଜର ଭୁବନେଶ୍ୱରରେ ‘୧୦୦ ବର୍ଷର କ୍ୱାଣ୍ଟମ୍ ମେକାନିକ୍ସ’ ସେମିନାର ଆୟୋଜିତଯୋଗ ଦେଲେ ୪୦୦ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ଓ ଶିକ୍ଷକ-ଶିକ୍ଷିକା

ଯୋଗ ଦେଲେ ୪୦୦ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ଓ ଶିକ୍ଷକ-ଶିକ୍ଷିକା

ଭୁବନେଶ୍ଵର, ୧୯/୧୧: ୟୁନେସ୍କୋ ଦ୍ୱାରା ଘୋଷିତ “ଆନ୍ତର୍ଜାତୀୟ କ୍ୱାଣ୍ଟମ୍ ବିଜ୍ଞାନ ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତି ବର୍ଷ – ୨୦୨୫” ଅବସରରେ ଭୁବନେଶ୍ୱର ଅବସ୍ଥିତ ଜାତୀୟ ବିଜ୍ଞାନ ଶିକ୍ଷା ଓ ଗବେଷଣା ସଂସ୍ଥାନ (ନାଇଜର) ରେ “୧୦୦ ବର୍ଷର କ୍ୱାଣ୍ଟମ୍ ମେକାନିକ୍ସ” ଶୀର୍ଷକ ଏକ ଦିନିକିଆ ସେମିନାର ଆୟୋଜନ କରାଯାଇଥିଲା।

ଏହି ସେମିନାରରେ ଭୁବନେଶ୍ୱର, କଟକ, ଜଗତସିଂହପୁର, ପୁରୀ ଓ ଖୋର୍ଦ୍ଧା ଜିଲ୍ଲାର ବିଭିନ୍ନ କଲେଜ ଓ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟର ପ୍ରାୟ ୪୦୦ ଅନୁସ୍ନାତକ, ସ୍ନାତକୋତ୍ତର ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ଓ ଶିକ୍ଷକ-ଶିକ୍ଷିକା ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ।

ସେମିନାରରେ ଅତିଥି ଓ ବିଶିଷ୍ଟ ବକ୍ତା ଭାବେ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ ପ୍ରଫେସର ଲମ୍ବୋଦର ପ୍ରସାଦ ସିଂହ (ଉତ୍କଳ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ), ପ୍ରଫେସର ଅରୁଣ କୁମାର ପତି (କିଟ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ), ପ୍ରଫେସର ହିରେନ୍ଦ୍ରନାଥ ଘୋଷ (ନାଇଜର ଭୁବନେଶ୍ୱର), ପ୍ରଫେସର ବେଦାଙ୍ଗଦାସ ମହାନ୍ତି (ନାଇଜର ଭୁବନେଶ୍ୱର), ପ୍ରଫେସର ପ୍ରସନ୍ତ କୁମାର ପାଣିଗ୍ରାହୀ (ଏସଓଏ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ), ପ୍ରଫେସର ସଦିକ୍ ରଙ୍ଗୱାଲା (ରମଣ ଗବେଷଣା ସଂସ୍ଥାନ, ବେଙ୍ଗାଲୁରୁ), ପ୍ରଫେସର ଭାନୁ ପ୍ରତାପ ଦାସ ଓ ପ୍ରଫେସର ଭୂପେନ ଦେବ (ଟିସିଜି–କ୍ରେଷ୍ଟ, କୋଲକାତା) ଏବଂ ଡ଼ା. ରିଚା ଗୋୟେଲ (ଆଇବିଏମ୍)।

ସେମିନାରଟିର ସମନ୍ୱୟକ ଥିଲେ ପ୍ରଫେସର ତପନ ମିଶ୍ର, ଯିଏ ଉଦ୍ଘାଟନୀ ଅଭିଭାଷଣ ମଧ୍ୟ ଦେଇଥିଲେ। ବିଭିନ୍ନ ସେସନ୍ଗୁଡ଼ିକର ଅଧ୍ୟକ୍ଷତା କରିଥିଲେ ପ୍ରଫେସର କାର୍ତ୍ତିକେଶ୍ୱର ସେନାପତି (ନାଇଜର), ପ୍ରଫେସର ଶ୍ରୀନିବାସନ (ନାଇଜର), ପ୍ରଫେସର ସୁଭଙ୍କର ବେଦାନ୍ତ (ନାଇଜର) ଓ ପ୍ରଫେସର ପି. ଭି. ସତ୍ୟମ (ଆଇଆଇଟି ଭୁବନେଶ୍ୱର)।

ଏହି ଗ୍ରାଣ୍ଡ ଅନୁଷ୍ଠାନଟିକୁ ସଫଳ କରିବାରେ ପରଦା ଆଡ଼ରେ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଭୂମିକା ନିବାହ କରିଥିଲେ ସ୍ଥାନୀୟ ଆୟୋଜକ ଭାବେ ଡ଼ା. ସୁଦକ୍ଷିଣା ପୃଷ୍ଟି, ଡ଼ା. ଜି. ସନ୍ତୋଷ ବାବୁ, ଡ଼ା. ହରପ୍ରସନ୍ନ ଲେଙ୍କା ଓ ଡ଼ା. ଶାରଳଶ୍ରୀତ ମହାନ୍ତି। ତାଙ୍କ ନିଷ୍ଠାପୂର୍ଣ୍ଣ ପ୍ରୟାସ ଓ ସମନ୍ୱିତ ଯୋଗଦାନରେ ଏହି ସେମିନାର ଗଭୀର ସଫଳତା ଅର୍ଜନ କରିପାରିଲା।

ସେମିନାରର ଶେଷରେ ଡ଼ଃ ସୁଦକ୍ଷିଣା ପ୍ରୁଷ୍ଟି ଧନ୍ୟବାଦ ଜ୍ଞାପନ କରିଥିଲେ। କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମଟି ଯୁବ ପିଢିଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ କ୍ୱାଣ୍ଟମ୍ ବିଜ୍ଞାନ ପ୍ରତି ଆଗ୍ରହ ଓ ଜ୍ଞାନ ଜଗାଇବାରେ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଭୂମିକା ନେଇଥିଲା।

Tuesday, November 18, 2025

ବର୍ତ୍ତମାନର ୧୦ଟି ମୁଖ୍ଯ ଖବର

ବର୍ତ୍ତମାନର ୧୦ଟି ମୁଖ୍ଯ ଖବର                       
ଉପସ୍ତାପକ ଶେଖର ଦାସ    

 ଜିଲ୍ଲାପାଳମାନଙ୍କୁ ସିଏମ ମୋହନ ମାଝୀ ୯ଟି ଟାସ୍କ ଦେଇଛନ୍ତି।ଦୁର୍ନୀତି ହଟାଅ, ସଚ୍ଚୋଟ ଓ ସାଧୁତା ପାଇଁ ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କୁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦେଇଛନ୍ତି ସିଏମ୍। ଦୁର୍ନୀତିରେ ସରକାର ବଦନାମ ହେଲେ ବରଦାସ୍ତ କରାଯିବନି ବୋଲି ସେ କହିଛନ୍ତି।ଏହାସହ ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କୁ ଅଧିକ ଫିଲ୍‌ଡ ଭିଜିଟ୍‌ କରିବାକୁ  ପରାମର୍ଶ ଦେଇଛନ୍ତି। ଶାସନ ପ୍ରଶାସନରେ ଟେକ୍ନୋଲୋଜିର ବ୍ୟବହାରକୁ ଗୁରୁତ୍ବ। ଜିଲ୍ଲାସ୍ତରରେ ଲୋକଙ୍କ ଅଭିଯୋଗ ଶୁଣି ସମାଧାନ କର ବୋଲି ସେ କହିଛନ୍ତି। ସରକାରୀ ଵିଜ୍ଞାପନ ଓଡ଼ିଆ ଭାଷାରେ ପ୍ରକାଶ କରିବାକୁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ମଧ୍ୟ ଦେଇଛନ୍ତି।*

 ସାଲିଆ ସାହିରେ ବୁଲିଲା ବୁଲଡୋଜର। ଏନେଇ ଉଚ୍ଛେଦ ବେଳେ ଉତ୍ତେଜନା ପରସ୍ଥିତି ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି। ପୋଲିସ-ବସ୍ତି ବାସିନ୍ଦା ମୁହାଁମୁହିଁ ହୋଇଛନ୍ତି।*

 ହ୍ୟୁମାନ୍ ସାଗରଙ୍କ ମୃତ୍ୟୁ ପରେ ବିବାଦର ଘନେଇବାରେ ଲାଗିଛି। ହ୍ୟମାନ୍ ଙ୍କ ମାଆ ଅଭିଯୋଗ ଆଣିଛନ୍ତି ଯେ,ହ୍ୟୁମାନଙ୍କ ମୃତ୍ୟୁକୁ ନେଇକି ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ ଝିଅ ଆଡ଼କୁ ଇଙ୍ଗିତ କରିଛନ୍ତି। ହ୍ୟୁମାନଙ୍କୁ ବିଷ ଦେଇ ହତ୍ୟା କରାଯାଇଥିବା ନେଇ ସେ କହିଛନ୍ତି। ଓଲିଉଡ୍ ର ଜଣେ ଜଣାଶୁଣା କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ଅର୍ପିତା ଚୌଧିୁରୀଙ୍କ ପାଇଁ ତାଙ୍କ ପୁଅ ମରିଥିବା ସେ କହିଛନ୍ତି।*

 ଦେଶର ମୋଷ୍ଟ ୱାଣ୍ଟେଡ୍ ତଥା କୁଖ୍ୟାତ ନକ୍ସଲ କମାଣ୍ଡର ମାଧବୀ ହିଡମାଙ୍କୁ ସୁରକ୍ଷା ବାହିନୀ ହତ୍ୟା କରିଛି। ହିଡମାକୁ ନିପାତ କରିବା ପାଇଁ କେନ୍ଦ୍ର ଗୃହମନ୍ତ୍ରୀ ଅମିତ ଶାହଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ଧାର୍ଯ୍ୟ ସମୟସୀମା ପୂର୍ବରୁ ଏହି ଅପରେସନ୍ କରାଯାଇଥିଲା। ସୂତ୍ର ଅନୁସାରେ ଆନ୍ଧ୍ରପ୍ରଦେଶ, ଛତିଶଗଡ଼ ଏବଂ ତେଲେଙ୍ଗାନା ସୀମାରେ ଅବସ୍ଥିତ ଘନ ପୁଲ୍ଲାଗାଣ୍ଡି ଜଙ୍ଗଲରେ ହିଡମାଙ୍କୁ ହତ୍ୟା କରାଯାଇଛି।*

 ପାକିସ୍ତାନ ପାକ୍ ଅଧିକୃତ ଜମ୍ମୁ ଓ କାଶ୍ମୀର (ପିଓକେ)ର ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ ବଦଳାଇ ଦେଇଛି। ରାଜା ଫୈସଲ ମୁମତାଜ ରାଠୋର ଏବେ ପିଓକେର ନେତୃତ୍ୱ ନେବେ। ସେ ଅନୱାରୁଲ ହକ୍‌ଙ୍କ ସ୍ଥାନ ନେବେ। ଯିଏ ଅନାସ୍ଥା ପ୍ରସ୍ତାବ ପାରିତ ହେବା ପରେ ପଦ ଛାଡିବାକୁ ବାଧ୍ୟ ହୋଇଥିଲେ।*

  ବିହାରରେ ଜନସୁରାଜ ପାର୍ଟିର ଲଜ୍ଜାଜନକ ପରାଜୟ ପରେ ପ୍ରଶାନ୍ତ କିଶୋର ପ୍ରଥମ ଥର ନଜର ପ୍ରିତିକ୍ରିୟା ରଖିଛନ୍ତି। ସେ କହିଛନ୍ତି ଯେ ସଚ୍ଚୋଟତାର ସହ ପ୍ରୟାସ କରାଯାଇଥିଲା କିନ୍ତୁ ଫଳାଫଳ ଆଶାନୁରୂପ ନଥିଲା ଏବଂ ଏଥିପାଇଁ ସେ ୧୦୦% ଦାୟୀ। ପରାଜୟର ଦାୟିତ୍ୱ ନେଇ ପ୍ରଶାନ୍ତ କିଶୋର ପୂର୍ବତନ ପାକିସ୍ତାନୀ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଇମ୍ରାନ ଖାନଙ୍କ ଉଦାହରଣ ଦେଇଥିଲେ, ଯିଏ ୨୫ ବର୍ଷ ପୂର୍ବେ ରାଜନୀତି ଆରମ୍ଭ କରିଥିଲେ ଏବଂ ପ୍ରାରମ୍ଭରେ ସମସ୍ତ ସାତଟି ଆସନ ହରାଇଥିଲେ।*

  ବରଗଡ଼ ଧନୁଯାତ୍ରା ପାଇଁ କଂସଙ୍କ ନାଁ ହୋଇଛି ଘୋଷଣା। ବରଗଡ଼ ଭେଡେନ୍‌ର ସୁଶୀଲ ମେହେର ହେବେ କଂସ। ୨୦୨୫-୨୬ ଧନୁଯାତ୍ରାରେ କଂସ ଭୂମିକାରେ ଅଭିନୟ କରିବେ ସୁଶୀଲ ବୋଲି ଜଣାପଡିଛି।*

 ରାୱଲପିଣ୍ଡିରେ ଶ୍ରୀଲଙ୍କା ବିପକ୍ଷ ତୃତୀୟ ଏକଦିବସୀୟ ମ୍ୟାଚ୍‌ରେ ଆଉଟ୍ ହେବା ପରେ ଷ୍ଟମ୍ପ ମାରିବା କାରଣରୁ ପାକିସ୍ତାନର ଷ୍ଟାର ବ୍ୟାଟ୍ସମ୍ୟାନ୍ ବାବର ଆଜମଙ୍କୁ ତାଙ୍କ ମ୍ୟାଚ୍ ଫିସ୍‌ର ୧୦ ପ୍ରତିଶତ ଜରିମାନା କରାଯାଇଛି ଏବଂ ଗୋଟିଏ ଡିମେରିଟ୍ ପଏଣ୍ଟ ଦିଆଯାଇଛି।*

   ଭାରତୀୟ ପାସପୋର୍ଟର ସୁରକ୍ଷା ପାରାମିଟରଗୁଡ଼ିକୁ ଆହୁରି ଉନ୍ନତ କରିବା ପାଇଁ ବୈଦେଶିକ ମନ୍ତ୍ରଣାଳୟ ସାରା ଦେଶରେ ଇ-ପାସପୋର୍ଟ ପ୍ରଦାନ କରିବାର ପ୍ରକ୍ରିୟା ଆରମ୍ଭ କରିଛି। ଯଦି ଆପଣ ୨୮ ମଇ ୨୦୨୫ ରେ କିମ୍ବା ତା'ପରେ ଏକ ନୂତନ ପାସପୋର୍ଟ ପାଇଛନ୍ତି କିମ୍ବା ଆପଣଙ୍କ ପାସପୋର୍ଟ ନବୀକରଣ କରିଛନ୍ତି ତେବେ ଆପଣଙ୍କର ନୂତନ ପାସପୋର୍ଟ ଏକ ଇ-ପାସପୋର୍ଟ ହେବ।*

 ମୁସଲିମ ରାଷ୍ଟ୍ର ଇରାନ ଭାରତୀୟଙ୍କ ପାଇଁ ଭିସା ସମ୍ପର୍କରେ ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଘୋଷଣା କରିଛି। ଇରାନ ସାଧାରଣ ଭାରତୀୟ ପାସପୋର୍ଟ ଧାରକଙ୍କ ପାଇଁ ଭିସା-ମୁକ୍ତ (ଭିସା ଛାଡ଼) ପ୍ରବେଶ ସୁବିଧାକୁ ସ୍ଥଗିତ ରଖିଛି। ଭାରତୀୟ ନାଗରିକମାନଙ୍କୁ ଚାକିରି କିମ୍ବା ଅନ୍ୟ ଦେଶକୁ ଯାତ୍ରା କରିବାର ମିଥ୍ୟା ପ୍ରତିଶ୍ରୁତି ଦେଇ ଇରାନକୁ ଚାଲାଣ କରାଯାଉଥିବା ରିପୋର୍ଟ ମଧ୍ୟରେ ଏହି ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଛି। ଏହାର ପ୍ରତିକ୍ରିୟାରେ ଏହି ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଛି।*
ଉପକୁଳ ସମାଚାର 
ବନ୍ଦେ ଉତ୍କଳ ଜନନୀ 

Monday, November 17, 2025

ଭଙ୍ଗାଗଲା ସନ୍ଦିଗ୍ଧ ବାଂଲାଦେଶୀଙ୍କ ଘର: ରେଡ୍ ବେଳେ ବିପୁଳ ମାରଣାସ୍ତ୍ର ଜବତ

ବିଭିନ୍ନ ସ୍ଥାନରେ ବ୍ଳକିଙ୍ଗ୍‌: ବସ୍ ଓ ଅନ୍ୟ ଯାନବାହାନ ଯାଞ୍ଚ

ଜଗତସିଂହପୁର - ସନ୍ଦିଗ୍ଧ ‘ବାଂଲାଦେଶୀ’ଙ୍କ ଘର ଭାଙ୍ଗିଲା ପ୍ରଶାସନ। ସଦର ଥାନା ବେହେରାମପୁର ବସ୍ତିରେ ଘର ଉପରେ ବୁଲିଲା ବୁଲ୍‌ଡୋଜର। ମାଜିଷ୍ଟ୍ରେଟ୍ ଓ ଉପଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ ଉପସ୍ଥିତିରେ ଭଙ୍ଗାଗଲା ୧୦ ବଖରା ଘର। ଏହି ଘଟଣାକୁ ନେଇ ପ୍ରତିକ୍ରିୟା ଦେଇ ଜିଲ୍ଲାପାଳ କହିଛନ୍ତି, ମାମଲାକୁ ଗୁରୁତ୍ବର ସହ ନେଇଛୁ, ସବୁ ଦିଗରୁ ତଦନ୍ତ ଚାଲିଛି। କେମିତି ଆସିଲେ, କଣ ଲିଙ୍କ୍ ଅଛି, କିଏ ଆଣି ରଖିଲା ତଦନ୍ତ କରୁଛୁ। ଯିଏ ବି ଦୋଷୀ ସାବ୍ୟସ୍ତ ହେବ ପଦକ୍ଷେପ ନେବୁ।

କଲେକ୍ଟର ଏହା ମଧ୍ୟ ନିଶ୍ଚିତ କରିଛନ୍ତି ଯେ ସରକାରୀ ଜମିରେ ହୋଇଥିବା ସମସ୍ତ ବେଆଇନ ନିର୍ମାଣକୁ ହଟାଯିବ। ଏକ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଦଳ ଗଠନ କରାଯାଇଛି, ଏବଂ ଆବଶ୍ୟକ ସ୍ଥଳେ ଉଚ୍ଛେଦ ପ୍ରକ୍ରିୟା ଜାରି ରଖିବାକୁ ଉପ-କଲେକ୍ଟରଙ୍କୁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦିଆଯାଇଛି।

ସୂଚନାଯୋଗ୍ୟ, ଏମାନେ ସରକାରୀ ଜମି ମାଡ଼ି ବସି ଘର‌ ତିଆରି କରି ରହୁଥିଲେ। ତରିକୁନ୍ଦ ପଞ୍ଚାୟତ ଅନ୍ତର୍ଗତ ବେହେରାମପୁର ବସ୍ତିର ଏକ ଘରୁ ପୋଲିସ ଦୁଇ ସନ୍ଦିଗ୍ଧ ବାଂଲାଦେଶୀ ମହିଳାଙ୍କୁ ଅଟକ ରଖିବାର ଗୋଟିଏ ଦିନ ପରେ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ନିଆଯାଇଛି। ଚଢାଉ ସମୟରେ ପୋଲିସ ଦେଶୀ ବନ୍ଧୁକ, ଧାରୁଆ ଅସ୍ତ୍ର ଏବଂ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଜିନିଷ ଜବତ କରିଛି। ପୋଲିସର କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ଭୟରେ ପ୍ରାୟ ଦଶ ଜଣ ପୁରୁଷ ଫେରାର ହୋଇ ଯାଇଥିବା ବେଳେ ଦୁଇ ମହିଳାଙ୍କୁ ପଚରାଉଚରା ପାଇଁ ନିଆଯାଇଛି ଏବଂ ଫେରାର ବ୍ୟକ୍ତିମାନଙ୍କୁ ଖୋଜିବା ପାଇଁ ଏକ ଅଭିଯାନ ଜାରି ରହିଛି।

ସେହିପରି ଜିଲ୍ଲାର ଧନିପୁର ନିକଟ ସାତପୁର ବସ୍ତିରେ ରେଡ୍‌ ହୋଇଛି। ବାଂଲାଦେଶୀ ରହୁଥିବା ସୂଚନା ପରେ ପ୍ରଶାସନର ରେଡ୍‌। ରେଡ୍ ବେଳେ ବାଂଲାଦେଶୀଙ୍କ ଘରୁ ବିପୁଳ ପରିମାଣର ମାରଣାସ୍ତ୍ର ଜବତ କରାଯାଇଛି।

କେନ୍ଦ୍ରାପଡାରେ ବାଂଲାଦେଶୀ ଅନୁପ୍ରବେଶକାରୀଙ୍କୁ ଠାବ ପାଇଁ ଯାଞ୍ଚ କରାଯାଉଛି। ବିଭିନ୍ନ ସ୍ଥାନରେ ବ୍ଳକିଙ୍ଗ୍‌ କରି ଯାତ୍ରୀବାହୀ ବସ୍ ଓ ଅନ୍ୟ ଯାନବାହାନ ଯାଞ୍ଚ କରାଯାଉଛି। ଦୁହୁରିଆ, ଗରାପୁର, ରାଜକନିକା, ପଟ୍ଟାମୁଣ୍ଡାଇ, ରାଜନଗରରେ ଯାଞ୍ଚ କରାଯାଉଛି।

ଓଡ଼ିଶାର ଲୋକପ୍ରିୟ କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗରଙ୍କ ପରଲୋକ

ନିରବୀ ଗଲେ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗର

ବିଶିଷ୍ଟ କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗରଙ୍କ ପରଲୋକ

ଭୁବନେଶ୍ଵର, ୧୭/୧୧: ପରପାରିରେ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗର। ଓଡ଼ିଶାର ଲୋକପ୍ରିୟ କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗରଙ୍କ ପରଲୋକ। ୩୪ ବର୍ଷ ବୟସରେ ଭୁବନେଶ୍ୱର ଏମ୍ସରେ ଚିକିତ୍ସାଧୀନ ଅବସ୍ଥାରେ ଆଖି ବୁଜିଲେ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗର। ପରଲୋକ ନେଇ ପରିବାର ପକ୍ଷରୁ ଦିଆଗଲା ସୂଚନା। ଲିଭରରେ ସମସ୍ୟା ପାଇଁ ଗୁରୁତର ହୋଇଥିଲେ। ହ୍ୟୁମାନଙ୍କ ଏକାଧିକ ଅଙ୍ଗ କାମ କରୁ ନଥିଲା।

ଓଡ଼ିଆ ସିନେମା, ଆଲବମ୍ ଜଗତର ଜଣାଶୁଣା ଚେହେରା। ଯୁବ ପିଢ଼ିଙ୍କ ପ୍ରଥମ ପସନ୍ଦର ଗାୟକ ଥିଲେ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗର। ଅନେକ ଆଲବମ୍ ଓ ଫିଲ୍ମରେ ଗୀତ ଗାଇଥିଲେ ହ୍ୟୁମାନ। `ଇସ୍କ ତୁ ହି ତୁ’ ଗୀତ ଗାଇ ପ୍ରସିଦ୍ଧି ଅର୍ଜନ କରିଥିଲେ ହ୍ୟୁମାନ।

ଡାକ୍ତରୀ ଛାତ୍ରରୁ ମେଲୋଡ଼ି ଷ୍ଟାର; ଅଧୁରା ରହିଗଲା ଯାତ୍ରା

ସଙ୍ଗୀତ ଜଗତର ଅପୂରଣୀୟ କ୍ଷତି ହ୍ୟୁମାନଙ୍କ ବିୟୋଗ

 ଆଉ ନାହାନ୍ତି କଳାକାର ଜଗତର ତାରା ହ୍ୟୁମାନ ସାଗର। ତାଙ୍କ ବିୟୋଗରେ ପୂରା କଳାକାର ଜଗତ ସହ ସାରା ଓଡ଼ିଶା ସ୍ତବ୍ଧ। ତାଙ୍କ ବିୟୋଗ କଳାକାର ଜଗତ ପାଇଁ ଏକ ଅପୂରଣୀୟ କ୍ଷତି। ସେ ଲିଭର ଓ କିଡନୀ ଜନିତ ରୋଗରେ ପୀଡ଼ିତ ଥିଲେ। ତାଙ୍କର ଏକାଧିକ ଅଙ୍ଗ ଅଚଳ ହୋଇଯାଇଥିଲା। ଜୀବନ ସହ ସଂଗ୍ରାମ କରି ଶେଷରେ ଆଜି ରାତି ୯ଟା ୮ରେ ଶେଷ ନିଃଶ୍ୱାସ ତ୍ୟାଗ କରିଛନ୍ତି।

୧୯୯୦ ମସିହା ନଭେମ୍ବର ୨୫ ତାରିଖରେ ବଲାଙ୍ଗୀରର ଟିଟିଲାଗଡ଼ରେ ଜନ୍ମଗ୍ରହଣ କରିଥିବା ହ୍ୟୁମାନଙ୍କ ଗୀତ ପିଢ଼ି ପରେ ପିଢ଼ି ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଲୋକଙ୍କ ହୃଦୟରେ ରହିବ।

୨୦୧୨ରୁ ଆରମ୍ଭ ହୋଇ ଯାଇଥିଲା ହ୍ୟୁମାନଙ୍କ ସଙ୍ଗୀତ ଯାତ୍ରା। ରିୟଲିଟି ସୋରୁ ଓଲିଉଡ଼ ଇଣ୍ଡଷ୍ଟ୍ରିରେ ପାଦ ଥାପିଥିଲେ। ସେ ୨୦୧୨ ମସିହାରେ ତରଙ୍ଗ ଟିଭିର “ଭଏସ୍ ଅଫ୍ ଓଡ଼ିଶା ସିଜନ୍ ୨” ର ସଙ୍ଗୀତ ପ୍ରତିଯୋଗିତା ଜିତିଥିଲେ।

ତାଙ୍କ ପାରିବାରିକ ପୃଷ୍ଠଭୂମି ମଧ୍ୟ ସଙ୍ଗୀତ ସହ ଜଡ଼ିତ ଥିଲା। ତାଙ୍କ ବାପା ଜଣେ କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ଥିଲେ। ତାଙ୍କ ଜେଜେବାପା ଜଣେ ସଂଗୀତଜ୍ଞ ଥିଲେ।

ତାଙ୍କୁ ତରଙ୍ଗ ସିନେ ପ୍ରଡକ୍ସନ୍ସର ଫିଚର ଫିଲ୍ମ “ଇସ୍କ ତୁ ହି ତୁ” ମାଧ୍ୟମରେ ସୁଯୋଗ ମିଳିଥିଲା, ଯେଉଁଠାରେ ସେ ଅଭିଜିତ ମଜୁମଦାରଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ରଚିତ ଟାଇଟଲ୍ ଟ୍ରାକ୍ ଗାଇଥିଲେ। ଯାହା ବହୁତ ହିଟ୍ ହୋଇଥିଲା। ଏହା ପରେ ସେ ଶହ ଶହ ଓଡ଼ିଆ ଚଳଚ୍ଚିତ୍ର ଗୀତ ଗାଇଛନ୍ତି। ସେ ଏକ ହିନ୍ଦୀ ଆଲବମ୍ “ମେରା ୟେ ଜହାଁ” ମଧ୍ୟ ତିଆରି କରିଛନ୍ତି।

କେବଳ ସଙ୍ଗୀତ ନୁହେଁ, ହ୍ୟୁମାନ ଜଣେ ମେଧାବୀ ଛାତ୍ର ମଧ୍ୟ ଥିଲେ। ଛୋଟ ବେଳୁ ଭଲ ପାଠ ପଢୁଥିବା ହ୍ୟୁମାନ କଲେଜ ପାଠପଢ଼ା ପରେ ମେଡ଼ିକାଲ ଏଣ୍ଟ୍ରାନ୍ସ ପାସ୍ ହୋଇ ଏମବିବିଏସରେ ନାଁ ଲେଖାଇଥିଲେ। କିନ୍ତୁ ରୁଚି ଟାଣି ଆଣିଥିଲା ସଙ୍ଗୀତ ଜଗତକୁ। ଯାହା ଫଳରେ ପ୍ରଥମ ବର୍ଷ ଡାକ୍ତରୀ ପଢ଼ା ଛାଡ଼ି ସଙ୍ଗୀତ ଜଗତରେ ପାଦ ଥାପିଥିଲେ। ଏହା ପରେ ସେ ଆଉ ରୋକିନଥିଲେ। ସଙ୍ଗୀତ ଜଗତରେ ଦେଇ ଚାଲିଥିଲେ ଶହ ଶହ ହିଟ୍ ଗୀତ। ଯୁବପିଢିଙ୍କ ଠାରୁ ଆରମ୍ଭ କରି ବୟସ୍କ ସମସ୍ତଙ୍କ ପ୍ରଥମ ପସନ୍ଦ ହ୍ୟୁମାନଙ୍କ ଗୀତ। ଯାହା ଆଜି ନିରବୀ ଯାଇଛି।

ହ୍ୟୁମାନଙ୍କ ବିୟୋଗ ସଙ୍ଗୀତ ଓ ସିନେମା ପାଇଁ ଏକ ଅପୂରଣୀୟ କ୍ଷତି: ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ

ଓଡ଼ିଶା ହରାଇଲା ସଙ୍ଗୀତ ଜଗତର ଜଣେ ଉଜ୍ଜ୍ୱଳ ତାରକା: ଧର୍ମେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନ

ଭୁବନେଶ୍ଵର, ୧୭/୧୧: ବିଶିଷ୍ଟ କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗରଙ୍କ ବିୟୋଗରେ ସାରା ଓଡ଼ିଶା ସ୍ତବ୍ଧ। ତାଙ୍କ ବିୟୋଗରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ମୋହନ ଚରଣ ମାଝୀ ଗଭୀର ଶୋକ ପ୍ରକାଶ କରିଛନ୍ତି। ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଶୋକ ବ୍ୟକ୍ତ କରି କହିଛନ୍ତି, “ବିଶିଷ୍ଟ କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗରଙ୍କ ବିୟୋଗ ବିଷୟରେ ଜାଣି ମୁଁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଦୁଃଖିତ। ତାଙ୍କର ବିୟୋଗ ଆମ ସଙ୍ଗୀତ ଓ ସିନେମା ପାଇଁ ଏକ ଅପୂରଣୀୟ କ୍ଷତି। ଶୋକସନ୍ତପ୍ତ ପରିବାର ପ୍ରତି ମୋର ସମବେଦନା ଜଣାଇବା ସହ ଦିବଙ୍ଗତ ଆତ୍ମାଙ୍କ ଶାନ୍ତି ପାଇଁ ଭଗବାନଙ୍କ ନିକଟରେ ପ୍ରାର୍ଥନା କରୁଛି।”

ସେହିପରି କେନ୍ଦ୍ର ଶିକ୍ଷା ମନ୍ତ୍ରୀ ଧର୍ମେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନ ଗଭୀର ଶୋକ ପ୍ରକାଶ କରି କହିଛନ୍ତି, “ଓଡ଼ିଶାର ଲୋକପ୍ରିୟ କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ହ୍ୟୁମାନ ସାଗରଙ୍କ ବିୟୋଗ ଖବର ଶୁଣି ମୁଁ ଦୁଃଖିତ ଓ ମର୍ମାହତ। ଅନେକ ଗୀତରେ କଣ୍ଠଦାନ କରି ବହୁତ କମ ସମୟ ମଧ୍ୟରେ ସେ ନିଜର ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ପରିଚୟ ତିଆରି କରିଥିଲେ। ତାଙ୍କ ବିୟୋଗରେ ଓଡ଼ିଶା; ସଙ୍ଗୀତ ଜଗତର ଜଣେ ଉଜ୍ଜ୍ୱଳ ତାରକାକୁ ହରାଇଲା। ତାଙ୍କ ସ୍ୱରର ଯାଦୁ ସବୁଦିନ ପାଇଁ ଓଡ଼ିଆ ଶ୍ରୋତାଙ୍କ ମନରେ ଅମର ହୋଇ ରହିବ। ଅମର ଆତ୍ମାର ସଦଗତି କାମନା କରିବା ସହ ଶୋକସନ୍ତପ୍ତ ପରିବାର ବର୍ଗଙ୍କୁ ସମବେଦନା ଜଣାଉଛି।”

ଜଳିଗଲା ବସ୍: ୪୨ ଭାରତୀୟ ଜୀବନ୍ତ ଦଗ୍ଧ୨୪ ଘଣ୍ଟିଆ କଣ୍ଟ୍ରୋଲ ରୁମ ସ୍ଥାପନ: ହେଲ୍ପଲାଇନ ନମ୍ୱର ଜାରି

୨୪ ଘଣ୍ଟିଆ କଣ୍ଟ୍ରୋଲ ରୁମ ସ୍ଥାପନ: ହେଲ୍ପଲାଇନ ନମ୍ୱର ଜାରି

ମକ୍କା, ୧୭/୧୧: ସାଉଦି ଆରବରେ ଭୟଙ୍କର ଦୁର୍ଘଟଣା ଫଳରେ। ଦୁର୍ଘଟଣା ପରେ ଏକ ବସଟି ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଜଳିଯିବା ପରେ ୪୨ ଜଣ ଭାରତୀୟଙ୍କ ମୃତ୍ୟୁ ହୋଇଛି।

ମଦିନା ନିକଟରେ ଉମରା ତୀର୍ଥଯାତ୍ରୀଙ୍କୁ ନେଇ ଯାଉଥିବା ଏକ ବସ୍ ଏବଂ ଡିଜେଲ ଟ୍ୟାଙ୍କର ମଧ୍ୟରେ ଧକ୍କା ହେବା ଫଳରେ ଅତି କମରେ ୪୨ ଜଣଙ୍କର ମୃତ୍ୟୁ ହୋଇଛି। ସାଉଦି ଆରବର ସ୍ଥାନୀୟ ଗଣମାଧ୍ୟମ ଅନୁଯାୟୀ, ମୃତ୍ୟୁବରଣ କରିଥିବା ଲୋକଙ୍କ ମଧ୍ୟରୁ ଅନେକ ଭାରତୀୟ ନାଗରିକ ବୋଲି ଅନୁମାନ କରାଯାଉଛି।

ସୂଚନା ଅନୁଯାୟୀ ବସ୍‌ଟି ମକ୍କାରୁ ମଦିନା ଯାଉଥିବା ବେଳେ ମୁଫ୍ରିହାଟ ନିକଟରେ ରାତି ପ୍ରାୟ ୧.୩୦ ସମୟରେ ଦୁର୍ଘଟଣା ଘଟିଥିଲା। ବସ୍‌ରେ ଥିବା ଅଧିକାଂଶ ଯାତ୍ରୀ ତେଲେଙ୍ଗାନାର ହାଇଦ୍ରାବାଦର ଥିଲେ ବୋଲି ସୂଚନା ମିଳିଛି।

ଦୁର୍ଘଟଣା ସମୟରେ ଅନେକ ଯାତ୍ରୀ ଶୋଇପଡ଼ିଥିଲେ ବୋଲି ଜଣାପଡ଼ିଛି। ଯାହା ଫଳରେ ଧକ୍କା ପରେ ବସ୍‌ଟି ନିଆଁ ଲାଗିଯିବାରୁ ଏଥିରୁ କେହି ବର୍ତ୍ତି ପାରିନଥିଲେ।

ମୃତକଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଅତି କମରେ ୨୦ ଜଣ ମହିଳା ଏବଂ ୧୦ ଜଣ ଶିଶୁ ଅଛନ୍ତି।

ତେଲେଙ୍ଗାନା ସରକାର କହିଛନ୍ତି ଯେ ରିୟାଦରେ ଥିବା ଭାରତୀୟ ଦୂତାବାସ ସହିତ ଯୋଗାଯୋଗରେ ଅଛନ୍ତି। ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ରେବନ୍ତ ରେଡ୍ଡୀ ଦୂତାବାସ କର୍ତ୍ତୃପକ୍ଷଙ୍କ ସହିତ କଥା ହୋଇଛନ୍ତି।

ହାଇଦ୍ରାବାଦର ସାଂସଦ ଅସଦୁଦ୍ଦିନ ଓୱେସି କହିଛନ୍ତି ଯେ ବସ୍‌ଟି ଯେତେବେଳେ ନିଆଁ ଲାଗିଥିଲା ସେତେବେଳେ ବସ୍‌ରେ ୪୨ ଜଣ ଉମରାହ ଯାତ୍ରୀ ଥିଲେ। ସେ ରିୟାଦରେ ଥିବା ଭାରତୀୟ ଦୂତାବାସର ଡେପୁଟି ଚିଫ୍ ଅଫ୍ ମିଶନ୍ (ଡିସିଏମ) ଆବୁ ମାଥେନ ଜର୍ଜଙ୍କ ସହ ଯୋଗାଯୋଗରେ ଅଛନ୍ତି।

କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ମୃତଦେହଗୁଡ଼ିକୁ ଭାରତ ଫେରାଇ ଆଣିବା ଏବଂ ଆହତମାନଙ୍କୁ ଉପଯୁକ୍ତ ଚିକିତ୍ସା ଯୋଗାଇବାକୁ ଓୱେସି ଅନୁରୋଧ କରିଛନ୍ତି।

ବୈଦେଶିକ ମନ୍ତ୍ରୀ ଡକ୍ଟର ଏସ. ଜୟଶଙ୍କର ସାଉଦି ଆରବ ବସ୍ ଦୁର୍ଘଟଣାରେ ଦୁଃଖ ପ୍ରକାଶ କରିଛନ୍ତି। ସେ ଟ୍ୱିଟ୍ କରି କହିଛନ୍ତି, “ସାଉଦି ଆରବର ମଦିନାରେ ଭାରତୀୟ ନାଗରିକଙ୍କ ସହିତ ଘଟିଥିବା ଦୁର୍ଘଟଣାରେ ମୁଁ ଗଭୀର ମର୍ମାହତ। ରିୟାଦରେ ଆମର ଦୂତାବାସ ଏବଂ ଜେଦ୍ଦାରେ କନସୁଲେଟ୍ ଜେନେରାଲ ଏହି ଦୁର୍ଘଟଣାରେ ପ୍ରଭାବିତ ଭାରତୀୟ ନାଗରିକ ଏବଂ ସେମାନଙ୍କ ପରିବାରକୁ ପୂର୍ଣ୍ଣ ସହାୟତା ଯୋଗାଇ ଦେଉଛନ୍ତି। ଶୋକସନ୍ତପ୍ତ ପରିବାର ପ୍ରତି ମୋର ଗଭୀର ସମବେଦନା। ଆହତମାନଙ୍କ ଶୀଘ୍ର ଆରୋଗ୍ୟ ପାଇଁ ମୁଁ ପ୍ରାର୍ଥନା କରୁଛି।”

ଅନ୍ୟପଟେ ଜେଦ୍ଦାହରେ ଭାରତୀୟ କନସୁଲେଟ୍ ଜେନେରାଲ ପ୍ରଭାବିତ ପରିବାରଗୁଡ଼ିକୁ ସହାୟତା କରିବା ପାଇଁ ଏକ 24×7 କଣ୍ଟ୍ରୋଲ ରୁମ ସ୍ଥାପନ କରିଛନ୍ତି। ଏହା ସହିତ ହେଲ୍ପଲାଇନ୍ ନମ୍ବର ଜାରି କରିଛନ୍ତି:- 8002440003।

ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ କର୍ମଚାରୀ ପାଇବେ କି DA ବୃଦ୍ଧି ସହ ଏହି ଲାଭ ? ଜାଣନ୍ତୁ

8th Pay Commission: ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ କର୍ମଚାରୀ ପାଇବେ କି DA ବୃଦ୍ଧି ସହ ଏହି ଲାଭ ? ଜାଣନ୍ତୁ

8th Pay Commission: ସୋସିଆଲ ମିଡିଆରେ ଏକ ତଥ୍ୟ ଭାଇରାଲ ହେଉଛି। ଯେଉଁଥିରେ ଦାବି କରାଯାଇଛି ଯେ, ସରକାର ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ପାଇଁ DA ବୃଦ୍ଧି ଭଳି ସୁବିଧା ବନ୍ଦ କରିଦେଇଛନ୍ତି। ଏହି ବାର୍ତ୍ତା ପଛରେ ଥିବା ସତ୍ୟ ଜାଣନ୍ତୁ।

ଏଥିରେ ଦାବି କରାଯାଇଛି ଯେ କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ଆର୍ଥିକ ଆଇନ 2025 ଅନୁଯାୟୀ ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ସରକାରୀ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ପାଇଁ ମହଙ୍ଗା ଭତ୍ତା (DA) ବୃଦ୍ଧି ଏବଂ କେନ୍ଦ୍ରୀୟ ବେତନ କମିଶନ (CPC) ସୁବିଧା ବନ୍ଦ କରିଦେଇଛନ୍ତି

କିନ୍ତୁ, ଏହି ଖବର ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଅସତ୍ୟ। ସରକାର ଆର୍ଥିକ ଆଇନ 2025 ରେ ଏପରି କୌଣସି ବ୍ୟବସ୍ଥା ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତ କରିନାହାଁନ୍ତି।ଉକ୍ତ ବାର୍ତ୍ତାରେ ଲେଖାଯାଇଛି, "ନୂତନ ନିୟମ ଅନୁଯାୟୀ, ପେନସନଭୋଗୀମାନେ ଆଉ ମହଙ୍ଗା ଭତ୍ତା (DA) ବୃଦ୍ଧି କିମ୍ବା ଆଗାମୀ 8ମ ବେତନ କମିଶନ ସମେତ ଭବିଷ୍ୟତରେ ପେନସନ କମିଶନ ଲାଭ ପାଇବା ପାଇଁ ଯୋଗ୍ୟ ହେବେ ନାହିଁ। 

ଅର୍ଥ ଆଇନ 2025 ରେ କୁହାଯାଇଛି ଯେ ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ଆର୍ଥିକ ଲାଭ ବଜାୟ ରଖିବା ପାଇଁ ସରକାର ଦାୟୀ ରହିବେ ନାହିଁ। ଏହାର ଅର୍ଥ ହେଉଛି ଯେ ଯେଉଁମାନେ ପୂର୍ବରୁ ଅବସର ନେଇସାରିଛନ୍ତି ସେମାନଙ୍କ ପାଇଁ ପେନସନ କମିଶନ ଲାଭ ଏବଂ DA ବୃଦ୍ଧି ପ୍ରଯୁଜ୍ୟ ହେବ ନାହିଁ।" ଏହି ହି ବାର୍ତ୍ତା ସରକାରୀ କର୍ମଚାରୀ ଏବଂ ପେନସନଭୋଗୀଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଚିନ୍ତା ସୃଷ୍ଟି କରୁଛି।

Friday, November 14, 2025

ବିହାର ବିଜେପି ର ବାଜିମାତ

ବିହାରରେ ଏନଡିଏର‌ ବିପୁଳ ବିଜୟ

ସୁଶାସନ ଓ ବିକାଶର ବିଜୟ: ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦି

ପାଟନା, ୧୪/୧୧: ବିହାର ନିର୍ବାଚନରେ ଏନଡିଏର ବାଜିମାତ୍। ୨୪୩ ସିଟରୁ ୨୦୨ ସିଟରେ ଏନଡିଏର ରେକର୍ଡ ବିଜୟ ହୋଇଛି। ଏଥି ସହ ମହାଗଠବନ୍ଧନ ହାତକୁ ଯାଇଛି ୩୪ଟି ସିଟ୍।

ବିହାରରେ ସରକାର ଗଠନ ପାଇଁ ୧୨୨ଟି ଆସନ ଆବଶ୍ୟକ। NDA ଭିତରେ, ବିଜେପି ଏବଂ JDU ପ୍ରତ୍ୟେକ ୧୦୧ଟି ଆସନରେ ପ୍ରତିଦ୍ୱନ୍ଦ୍ୱିତା କରିଥିଲେ। ଅନ୍ୟ ସହଯୋଗୀ ଦଳ, LJPକୁ ୨୯ଟି ଏବଂ HAM ଏବଂ RLMକୁ ଛଅଟି ଆସନ ଦିଆଯାଇଥିଲା। ବିଜେପି ୯୧ଟି ଆସନରେ ଆଗୁଆ ଅଛି। JDU ୮୩ଟି, LJP ୧୯ଟି, HAM ପାଞ୍ଚଟି ଏବଂ RLM ଚାରିଟିରେ ବିଜୟୀ ହୋଇଛି।

ବିପୁଳ ବିଜୟ ନେଇ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦି ଶୁଭେଚ୍ଛା ଜଣାଇ କହିଛନ୍ତି ଯେ, “ବିହାରରେ ସୁଶାସନ ଓ ବିକାଶର ବିଜୟ ହୋଇଛି। ଜନ କଲ୍ୟାଣ ଭାବନାର ବିଜୟ, ସାମାଜିକ ନ୍ୟାୟର ବିଜୟ। ୨୦୨୫ ବିଧାନସଭା ନିର୍ବାଚନରେ NDA ଐତିହାସିକ ବିଜୟ ଲାଭ କରିଛି। ଅଭୂତପୂର୍ବ ବିଜୟର ଆଶୀର୍ବାଦ ଦେଇଛନ୍ତି ବିହାରବାସୀ। ମୋର ପରିବାର ସଦସ୍ୟଙ୍କ ପ୍ରତି ମୋର ଗଭୀର କୃତଜ୍ଞତା। ଏହି ବିପୁଳ ଜନାଦେଶ ଆମକୁ ଲୋକଙ୍କ ସେବା କରିବାକୁ ଶକ୍ତି ଦେବ। ବିହାରର ବିକାଶ ପାଇଁ ନୂଆ ସଂକଳ୍ପ ନେଇ କାମ କରିବାକୁ ଶକ୍ତି ଦେବ।”

ଅଭୂତପୂର୍ବ ଜନ ସମର୍ଥନ ପାଇଁ ବିହାରବାସୀଙ୍କୁ ଧନ୍ୟବାଦ ଜଣାଇଛନ୍ତି କେନ୍ଦ୍ର ଶିକ୍ଷା ମନ୍ତ୍ରୀ ଧର୍ମେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନ। NDAକୁ ପୁଣି ବିଶ୍ଵାସ କରିଥିବାରୁ ବିହାରର ଦେବତୁଲ୍ୟ ଜନତାଙ୍କୁ କୃତଜ୍ଞତା ଜଣାଇଛନ୍ତି। କେନ୍ଦ୍ର ମନ୍ତ୍ରୀ କହିଛନ୍ତି, “ବିକାଶ, ସୁଶାସନ ଓ ସ୍ଥିରତା ପ୍ରାଥମିକତା ବୋଲି ପ୍ରମାଣିତ କଲେ ବିହାରବାସୀ। ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଦୃଢ଼ ନେତୃତ୍ଵକୁ ବିହାରବାସୀ ମୋହର ମାରିଛନ୍ତି। ନୀତୀଶଙ୍କ କଲ୍ୟାଣକାରୀ ଯୋଜନା NDAକୁ ପ୍ରଚଣ୍ଡ ଜନାଦେଶର ପ୍ରମାଣ। ଏହି ଐତିହାସିକ ବିଜୟ ପ୍ରତ୍ୟେକ NDA କର୍ମୀଙ୍କ ଅକ୍ଳାନ୍ତ କଠିନ ପରିଶ୍ରମର ଫଳ।” ବୋଲି କହିଛନ୍ତି।

ନୂଆପଡା ନିର୍ବାଚନ ବିଜେପି ର ବାଜିମାତ୍

ବିପୁଳ ଭୋଟ ବ୍ୟବଧାନରେ ଜିତିଲେ ଜୟ ଢୋଲକିଆ

ନୂଆପଡ଼ା, ୧୪/୧୧: ନୂଆପଡ଼ା ଉପନିର୍ବାଚନରେ ବିଜେପିର ଅଦ୍ଭୁତପୂର୍ବ ସଫଳତା। ବିପୁଳ ଭୋଟ ପାଇ ବିଜୟୀ ଲାଭ କରିଛନ୍ତି ବିଜେପି ପ୍ରାର୍ଥୀ ଜୟ ଢୋଲକିଆ। ୧ ଲକ୍ଷ ୨୩ ହଜାର ୪୪୬ ଭୋଟ ପାଇଛନ୍ତି ଜୟ ଢୋଲକିଆ। ସେ ୮୩ ହଜାର ୭୪୮ ଭୋଟ ବ୍ୟବଧାନରେ ବିଜୟୀ ହୋଇଛନ୍ତି।

କଂଗ୍ରେସ ପ୍ରାର୍ଥୀ ଘାସିରାମ ମାଝୀ ୪୦ ହଜାର ୮୬ ଭୋଟ ପାଇଛନ୍ତି। ସେ ଦ୍ୱିତୀୟ ସ୍ଥାନରେ ଅଛନ୍ତି। ଘାସିରାମ ଗତ ସାଧାରଣ ନିର୍ବାଚନରେ ସ୍ୱାଧୀନ ପ୍ରାର୍ଥୀ ହୋଇ ଏହାଠାରୁ ଅଧିକ ଭୋଟ ପାଇଥିଲେ।

ସେହିପରି ବିଜେଡି ପ୍ରାର୍ଥୀ ସ୍ନେହାଙ୍ଗିନୀ ଛୁରିଆ ୩୮ ହଜାର ୩୧୪ ଭୋଟ ପାଇ ତୃତୀୟ ସ୍ଥାନରେ ରହିଛନ୍ତି। ଗତ ନିର୍ବାଚନରେ ସେ ଅତାବିରାରେ ନିର୍ବାଚନ ଲଢ଼ି ହାରିଯାଇଥିଲେ।

ତେବେ ଜୟଙ୍କ ପ୍ରତି ଏତେ ଭୋଟ ଆସିବା ସାରା ରାଜ୍ୟରେ ଏହା ଏକ ରେକର୍ଡ। ପୂର୍ବରୁ କୌଣସି ଉପନିର୍ବାଚନରେ ଭୋଟର ବ୍ୟବଧାନ ଏତେ ନଥିଲା।

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