AFFILIATE MARKETING

https://binomo.com?a=90810425bb57&t=0

Friday, December 26, 2025

ॐ त्र्यम्बकं यजामहेसुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

[Intro]
[low vocal register]
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
[soft guitar picks
Distant synth swell]
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

[Verse 1]
चलता श्वास
धीमी धुन में
तीन नयन सा जागे ध्यान
भीतर भीतर जगे अग्नि

राख से रूप
फिर से बनता
एक नाम पे टिका ये मन
हर डर हर रात पिघलती

[Chorus]
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
(मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्, हाँ)

[Verse 2]
कंधों पर भार
धीरे उतरता
जैसे कोई खोल दे द्वार
सांस बने छोटी सी प्रार्थना

बिखरे दिन
जुड़ते संगम
तेरा जप बन जाए मार्ग
अंधेरों में हल्की सी रेखा

[Chorus]

[Bridge]
[whispered vocals]
मन ही मन्दिर
धड़कन अर्पण
तेरे नाम पे हर धुन समर्पण

[गहरी आवाज]
एक एक श्वास
तेरा संकेत
जग में रहते भी तेरा पथ

[Chorus]

No comments:

COASTAL NEWS

ମହୁଲ ଝରା ରାତି

ଗୀତର ଶୀର୍ଷକ: "ମହୁଲ ଝରା ରାତି" ​(Style: Modern Sambalpuri Romantic Fusion) ​[Intro] ( sweet bamboo flute sound, with ...